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सीतापुर में बाघिन की आहट से दहशत: ताजा पगचिह्न मिलने के बाद वन विभाग की टीमें अलर्ट

Sitapur tigress terror update, forest department intensive patrolling, latest news and tracking. सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र से सटे गांवों में बाघिन की मौजूदगी एक बार फिर लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है। करीब 15 दिन पहले एक ग्रामीण की जान लेने वाली बाघिन ने अब अपना ठिकाना बदल लिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

31 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें 1.4K
सीतापुर में बाघिन की आहट से दहशत: ताजा पगचिह्न मिलने के बाद वन विभाग की टीमें अलर्ट
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उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बाघिन की मौजूदगी ने एक बार फिर ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। संदना थाना क्षेत्र के आसपास के गांवों में बाघिन के ताजा पगचिह्न देखे गए हैं, जिसके बाद वन विभाग ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। करीब 15 दिन पहले इसी बाघिन के हमले में एक ग्रामीण की जान चली गई थी, जिसके बाद से ही क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

बिजुवामऊ-नेवादा मार्ग पर मिले ताजा निशान

गुरुवार की शाम बिजुवामऊ से नेवादा जाने वाले रास्ते पर बाघिन के ताजे पगचिह्न पाए गए। इन निशानों की पुष्टि होते ही स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और निगरानी को और अधिक सख्त कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से बाघिन के कोई संकेत न मिलने के कारण विभाग ने राहत की सांस ली थी, लेकिन ताजा निशानों ने फिर से चुनौती बढ़ा दी है।

घटनाक्रम के अनुसार, 15 जुलाई को ग्राम रसूलवा निवासी कमल किशोर पर बाघिन ने जानलेवा हमला किया था। इस दुखद घटना के बाद वन विभाग ने बहराइच और कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की विशेषज्ञ टीमों को मौके पर बुलाया था। बाघिन को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए और चारे के रूप में पड़वा भी बांधा गया था। हालांकि, बाघिन ने पिंजरे में फंसने के बजाय केवल चारे को अपना शिकार बनाया और वहां से निकल गई।

लगातार लोकेशन बदल रही है बाघिन

विशेषज्ञों का मानना है कि बाघिन लगातार अपना ठिकाना बदल रही है, जिससे उसे ट्रैक करना मुश्किल हो गया है। अब तक घटनास्थल से करीब 15 किलोमीटर के दायरे में कई गांवों के आसपास उसकी मौजूदगी के संकेत मिल चुके हैं। वन विभाग की टीम ने पूरे इलाके में कमांड सेंटर स्थापित कर रखा है और ड्रोन व अन्य तकनीकी साधनों के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

मिश्रिख वन रेंज के रेंजर सिकंदर सिंह ने बताया कि विभाग पूरी तरह से सतर्क है। उन्होंने कहा कि बाघिन को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग के अधिकारी लगातार ग्रामीणों के संपर्क में हैं और उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने के लिए कहा गया है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।

ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित

बाघिन के खौफ के कारण स्थानीय ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। खेतों में काम करने वाले किसान अब अकेले जाने से कतरा रहे हैं। रामकिशोर और सोबरन जैसे ग्रामीणों का कहना है कि वे अब समूह बनाकर ही खेतों की ओर जा रहे हैं। मवेशियों के लिए चारा लाने में भी किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि जंगल के किनारे जाने का जोखिम कोई नहीं उठाना चाहता।

वन विभाग ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे शाम ढलने के बाद घर से बाहर न निकलें और खेतों में काम करते समय सावधानी बरतें। विभाग की ओर से लगातार गश्त बढ़ाई गई है ताकि बाघिन को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखा जा सके। फिलहाल, वन विभाग के लिए इस बाघिन को सुरक्षित पकड़ना सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है ताकि स्थानीय लोगों में व्याप्त डर को दूर किया जा सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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