सिरसा: यूके भेजने के नाम पर 26 लाख की ठगी करने वाला आरोपी दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार
Sirsa immigration fraud case accused Amandeep Singh arrested at Delhi airport for cheating couple. सिरसा में यूके भेजने के नाम पर 26 लाख की ठगी मामले में इमीग्रेशन फ्रॉड गिरोह के मुख्य आरोपी अमनदीप सिंह को दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। आरोपी अमनदीप के खिलाफ पहले से लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दिल्ली एयरपोर्ट पर दबोचा गया इमीग्रेशन फ्रॉड का आरोपी
सिरसा जिले में विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अमनदीप सिंह को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उस समय पकड़ा गया जब वह विदेश से वापस भारत लौट रहा था। आरोपी के खिलाफ पहले से ही लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को उसके आने की सूचना मिल गई थी।
यह कार्रवाई सिरसा की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा की गई है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेने के बाद उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब इस मामले में शामिल गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क के तार कहां-कहां जुड़े हुए हैं।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई ठगी
मामले की शुरुआत तब हुई जब ऐलनाबाद क्षेत्र के मौजू की ढाणी निवासी विनोद कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। विनोद ने बताया कि वह अपने पूरे परिवार के साथ बेहतर भविष्य के लिए यूके जाना चाहता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात सुखेराखेड़ा निवासी राजन से हुई। राजन ने अपने भाई अमनदीप और सचिन का हवाला देते हुए दावा किया कि वे यूके में हैं और आसानी से वर्क परमिट वीजा लगवा सकते हैं।
आरोपियों ने पीड़ित को जल्द वीजा लगवाने का झांसा दिया और इसके बदले में 32 लाख रुपये की मांग की। विश्वास में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किश्तों में कुल 26 लाख 19 हजार 200 रुपये आरोपियों को सौंप दिए। इसमें से पांच लाख रुपये चेक के माध्यम से दिए गए थे, जबकि बाकी रकम नकद या अन्य माध्यमों से ली गई।
पैसे लेने के बाद आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे और वीजा के नाम पर झूठे आश्वासन देते रहे। जब आरोपियों ने और 9 लाख रुपये की मांग की, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस का रुख किया और 3 सितंबर 2025 को ऐलनाबाद थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिरसा के पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी थी। पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि आरोपी अमनदीप विदेश भाग गया था, जिसके बाद उसके खिलाफ एलओसी जारी की गई थी। जैसे ही आरोपी के भारत लौटने की सूचना मिली, पुलिस ने एयरपोर्ट पर जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल पुलिस अमनदीप से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि इस तरह के इमीग्रेशन फ्रॉड में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है ताकि अदालत में मजबूत पक्ष रखा जा सके।
पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि विदेश जाने के लिए किसी भी एजेंट को बड़ी रकम देने से पहले उनके दस्तावेजों और लाइसेंस की पूरी तरह जांच करें। अक्सर लोग जल्दबाजी में फर्जी एजेंटों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
