इटली में नौकरी का झांसा: सीकर के युवक से 14 लाख की ठगी, विदेश जाकर फंसा बेरोजगार
Rajasthan Sikar job scam: Youth loses 14 lakh rupees to fake Italy employment agent. सीकर जिले में युवक को इटली में नौकरी लगवाने के नाम पर 14 लाख रूपए हड़पने का मामला सामने आया है। युवक को इटली तो बुला लिया लेकिन उसे कोई नौकरी नहीं मिली।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पड़ोसी महिला के जरिए बिछाया गया जाल
राजस्थान के सीकर जिले में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक के साथ बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रामगढ़ सेठान के वार्ड नंबर 5 निवासी मुरारीलाल सैनी ने आरोप लगाया है कि उसे इटली में रोजगार दिलाने का प्रलोभन देकर 14 लाख रुपये की ठगी की गई। पीड़ित युवक ने इस संबंध में स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित मुरारीलाल ने पुलिस को बताया कि वह एक पढ़ा-लिखा बेरोजगार युवक है। इसी दौरान उसकी मुलाकात अपनी पड़ोस में रहने वाली एक महिला कंचन से हुई। कंचन ने उसे बताया कि उसका भाई विकास सीकर में रहता है और वह लोगों को इटली में नौकरी दिलाने के साथ-साथ वहां का ग्रीन कार्ड दिलाने का काम करता है। कंचन ने विश्वास दिलाने के लिए अपने पति दिनेश का उदाहरण दिया, जो कथित तौर पर उसी एजेंट के माध्यम से इटली में काम कर रहा है।
ग्रीन कार्ड और मोटी कमाई का लालच
कंचन ने दावा किया कि उसका पति दिनेश इटली में एक बड़ी कंपनी में कार्यरत है और उसे वहां हर महीने डेढ़ लाख रुपये का वेतन मिल रहा है। इस झूठी कहानी से प्रभावित होकर मुरारीलाल ने विकास से संपर्क किया। विकास ने मुरारीलाल को भरोसा दिलाया कि उसे इटली में अच्छी नौकरी मिलेगी। शुरुआत में उसे 60 हजार रुपये प्रति माह का वेतन मिलेगा और बाद में ग्रीन कार्ड मिलने पर यह राशि बढ़कर डेढ़ लाख रुपये हो जाएगी।
इस सुनहरे भविष्य के सपने को सच करने के लिए विकास ने मुरारीलाल से 14 लाख रुपये की मांग की। मुरारीलाल ने अपनी जमा-पूंजी और अन्य स्रोतों से पैसे जुटाकर विकास को दे दिए। इसके बाद, सिमरन कौर नामक एक महिला ने मुरारीलाल को ईमेल के जरिए एक अपॉइंटमेंट लेटर भेजा, जिससे उसे लगा कि प्रक्रिया पूरी तरह वैध है।
इटली पहुंचने पर खुली पोल
पैसे देने के बाद मुरारीलाल इटली पहुंच गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसे हकीकत का पता चला। उसे न तो कोई नौकरी मिली और न ही कोई ग्रीन कार्ड। जब उसने विकास से संपर्क करने की कोशिश की, तो वह उसे लगातार टालता रहा और जल्द ही सब कुछ ठीक होने का झूठा आश्वासन देता रहा। वहां रहने और खाने के लिए भी मुरारीलाल को अपने घर से पैसे मंगवाने पड़े।
विदेश में पूरी तरह असहाय होने के बाद, मुरारीलाल ने हार मान ली और वापस भारत लौटने का फैसला किया। घर से और पैसे मंगवाकर वह किसी तरह स्वदेश लौटा। भारत आने के बाद उसने पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब इस पूरे रैकेट की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
रामगढ़ सेठान पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उन सभी दस्तावेजों और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है जो मुरारीलाल ने एजेंट को दिए थे। साथ ही, सिमरन कौर और विकास की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी इसी तरह अपना शिकार बनाया है।
यह मामला एक बार फिर उन बेरोजगार युवाओं के लिए चेतावनी है जो विदेश में नौकरी के नाम पर बिना किसी आधिकारिक सत्यापन के एजेंटों पर भरोसा कर लेते हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी विदेश यात्रा या नौकरी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों और सरकारी माध्यमों का ही उपयोग करें। जांच अधिकारी के अनुसार, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
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