शाजापुर में 5 हजार के लेनदेन का खूनी अंजाम: युवक को अगवा कर बेरहमी से पीटा, तीन पर केस दर्ज
शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र के कलवा गांव के पास सोमवार सुबह घायल अवस्था में मिले मोहनलाल के मामले में नया खुलासा हुआ है। लालघाटी पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

क्या है पूरा मामला
मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के लालघाटी थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ हुई मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शुरुआत में इसे एक सामान्य हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की जांच में जो तथ्य सामने आए, उसने सबको चौंका दिया। मोहनलाल नामक युवक को गंभीर हालत में कलवा गांव के पास पाया गया था, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
फरियादी बग्दीराम मालवीय ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उन्हें 17 अगस्त की सुबह सूचना मिली थी कि उनके मामा मोहनलाल के साथ रात में मारपीट की गई है। अस्पताल में भर्ती मोहनलाल ने होश में आने के बाद आपबीती सुनाई, जिससे पता चला कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हमला था। पीड़ित के अनुसार, उसे घर से जबरन उठाकर ले जाया गया और पैसे के विवाद को लेकर बुरी तरह पीटा गया।
उधारी के विवाद ने लिया हिंसक रूप
पीड़ित मोहनलाल ने पुलिस को बताया कि रविवार रात करीब 8:30 बजे वह अपने घर पर मौजूद था। तभी गांव का मुकेश नरवरिया, इंदौर निवासी अशोक परमार और सतीश जायसवाल वहां पहुंचे। आरोप है कि ये तीनों मोहनलाल को जबरन सतीश की कार में बिठाकर दुपाड़ा स्थित रविदास मोहल्ला ले गए। वहां सतीश ने मोहनलाल पर 5 हजार रुपये की उधारी चुकाने का दबाव बनाया।
विवाद तब और गहरा गया जब मोहनलाल ने अपनी 800 रुपये की मजदूरी के पैसे मांगे। इस बात से नाराज होकर तीनों आरोपियों ने मोहनलाल के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और आरोपियों ने लात-घूंसों और डंडों से मोहनलाल पर हमला कर दिया। इस बर्बर मारपीट में मोहनलाल के सिर, नाक, कान और मुंह पर गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
मारपीट की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मोहनलाल को अधमरी हालत में कार में ले गए और कालवा रोड के किनारे एक बावड़ी के पास फेंककर फरार हो गए। सुबह राहगीरों और परिजनों को इसकी सूचना मिली, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
इस मामले में पुलिस ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी प्रकरण दर्ज किया है। लालघाटी थाना पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। फिलहाल मोहनलाल का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति पर डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए है। पुलिस इस बात की भी तफ्तीश कर रही है कि क्या आरोपियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड रहा है या वे पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं।
कानून के जानकारों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में बढ़ते आपसी द्वेष का परिणाम हैं। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लेनदेन के विवाद को बातचीत से सुलझाएं या कानूनी रास्ता अपनाएं, न कि कानून को अपने हाथ में लें। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में इस घटना की चर्चा है और पीड़ित के परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!