शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज विवाद: नर्स द्वारा मरीज को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी
शाहजहांपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस यूनिट में छात्राओं के साथ मारपीट का वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक छात्रा वार्ड के अंदर जाकर डायलिसिस करा रही मरीज पर हाथ उठाती नजर आ रही है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

डायलिसिस वार्ड में नर्स और मरीज के बीच हुई झड़प
शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस यूनिट के भीतर हुई एक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक नर्सिंग छात्रा वार्ड के अंदर जाकर डायलिसिस करा रही एक महिला मरीज को थप्पड़ मारती हुई दिखाई दे रही है। घटना के बाद नर्स को वार्ड से कुछ सामान जमीन पर फेंकते हुए बाहर निकलते देखा गया है।
वीडियो सामने आने के बाद इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। पुलिस अब इस फुटेज को जांच का मुख्य आधार मानकर मामले की गहन पड़ताल कर रही है। यह घटना शुक्रवार सुबह की बताई जा रही है, जिसने मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा और व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों द्वारा तोड़फोड़ और एफआईआर का घटनाक्रम
इस घटना के तुरंत बाद मरीज के परिजन आक्रोशित हो गए थे। आरोप है कि उन्होंने वार्ड का गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया और नर्सिंग छात्राओं के साथ मारपीट की। इस हंगामे के दौरान अस्पताल में भारी तोड़फोड़ भी की गई। इस मामले में पुलिस ने पहले ही मरीज के पिता, भाई और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
मरीज और उनके परिजनों का आरोप है कि नर्स ने न केवल मरीज के साथ मारपीट की, बल्कि डायलिसिस की नीडल भी जबरन निकाल दी थी। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने सुरक्षा की मांग को लेकर हड़ताल भी की थी, जिससे अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हुई थीं।
सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट होगी घटना की सच्चाई
वार्ड के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि सुबह 11:16 बजे दो छात्राएं वार्ड के बाहर खड़ी थीं, जिनमें से एक अंदर जाकर मरीज से उलझ गई। पुलिस अब इस वीडियो का विश्लेषण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि विवाद की असली शुरुआत कैसे हुई और दोनों पक्षों की क्या भूमिका रही।
सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि नर्सिंग छात्रा की शिकायत पर पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है। अब नए वीडियो फुटेज के सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस सभी साक्ष्यों को जोड़कर यह तय करेगी कि आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में की जानी चाहिए।
जांच का भविष्य और सुरक्षा व्यवस्था
मेडिकल कॉलेज प्रशासन और पुलिस के लिए यह मामला चुनौती बना हुआ है। एक तरफ छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ मरीजों के साथ दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अब उन लोगों की पहचान की जा रही है जिन्होंने वार्ड में घुसकर तोड़फोड़ की थी।
आने वाले दिनों में पुलिस की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो पाएगा कि क्या नर्स ने बिना किसी उकसावे के हाथ उठाया था या फिर मरीज की ओर से पहले कोई प्रतिक्रिया दी गई थी। फिलहाल, मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं और पुलिस पूरे मामले की बारीकी से निगरानी कर रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
