सवाई माधोपुर नगर परिषद चुनाव: भाजपा के तीन बागी हुए शांत, नामांकन वापस लेकर पार्टी प्रत्याशियों को दिया समर्थन
सवाई माधोपुर में नगर परिषद चुनाव को लेकर सियासी चौसर बिछ चुकी है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपने प्रत्याशियों को जिताने के साथ-साथ बागी होकर मैदान में उतरे प्रत्याशियों को मनाने में जुटे हुए हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सवाई माधोपुर में भाजपा को मिली बड़ी राहत
सवाई माधोपुर नगर परिषद चुनाव को लेकर चल रही सियासी गहमागहमी के बीच भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी राहत की सांस ली है। पार्टी के तीन बागी प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस ले लिए हैं, जिससे पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों की स्थिति मजबूत हुई है। यह घटनाक्रम वार्ड नंबर 11, 40 और 56 में देखने को मिला है।
चुनाव प्रभारी मदन प्रजापत के नेतृत्व में भाजपा पदाधिकारियों ने रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय पहुंचकर इन बागियों को मनाने में सफलता प्राप्त की। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इन वार्डों में चुनावी मुकाबला काफी हद तक स्पष्ट हो गया है। पार्टी का मानना है कि बागियों के हटने से वोटों का बिखराव रुकेगा और आधिकारिक प्रत्याशी बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।
किन वार्डों में बदला समीकरण
नामांकन वापसी के तहत वार्ड नंबर 11 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरी ऋचा शर्मा ने अपना नाम वापस ले लिया है। अब वे भाजपा की आधिकारिक प्रत्याशी अनुराधा शर्मा का समर्थन करेंगी। इसी प्रकार, वार्ड नंबर 56 में प्रियंका शर्मा ने अपना नामांकन वापस लेकर भाजपा प्रत्याशी मेवा चौधरी को समर्थन देने का निर्णय लिया है।
वार्ड नंबर 40 में भी भाजपा को सफलता मिली है, जहां बादाम देवी ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। वे अब पार्टी की आधिकारिक प्रत्याशी राधा के पक्ष में प्रचार करेंगी। इन तीनों वार्डों में बागियों के हटने से भाजपा ने चुनावी समीकरणों को अपने पक्ष में साधने की कोशिश की है।
चुनावी प्रचार में तेजी की उम्मीद
नामांकन वापसी की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब सभी राजनीतिक दलों का ध्यान पूरी तरह से प्रचार अभियान पर केंद्रित हो गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपने-अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। जहां भाजपा अपने बागियों को शांत करने के बाद अब एकजुट होकर चुनाव लड़ने का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस भी अपने चुनावी समीकरणों को दुरुस्त करने में जुटी है।
आगामी दिनों में सवाई माधोपुर के चुनावी मैदान में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बागियों के हटने से मुख्य मुकाबला अब सीधा और अधिक प्रतिस्पर्धी हो गया है। मतदाताओं को लुभाने के लिए अब दोनों ही प्रमुख दल घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान तेज करेंगे।
नगर परिषद चुनाव के इस दौर में अब प्रचार का शोर और तेज होने की संभावना है। स्थानीय मुद्दों को लेकर दोनों ही दल एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मियां और बढ़ने के आसार हैं, जिससे शहर का चुनावी माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया है।
भाजपा पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पार्टी अब पूरी तरह से संगठित होकर चुनाव मैदान में उतरेगी। हालांकि, कांग्रेस की ओर से भी अपनी रणनीति में बदलाव किए जाने की चर्चा है। आने वाला समय ही बताएगा कि बागियों की वापसी का भाजपा को कितना लाभ मिलता है और कांग्रेस किस तरह से इस चुनौती का सामना करती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!