सतना: नहर निर्माण के लिए खोदी गई खदान बनी काल, 7 साल की बच्ची की डूबने से मौत
Satna Uchehara girl tragic drowning accident in canal mine pit. सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के पथरहटा मोड़ स्थित हनुमान मंदिर के पीछे एक पानी से भरी खदान में डूबने से 7 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। यह खदान नहर निर्माण के दौरान खोदी गई थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां पानी से भरी एक गहरी खदान में डूबने से सात साल की मासूम बच्ची की जान चली गई। यह खदान क्षेत्र में चल रहे नहर निर्माण कार्य के दौरान खोदी गई थी, जिसे काम पूरा होने के बाद खुला छोड़ दिया गया था। इस लापरवाही के कारण एक परिवार ने अपनी बेटी को खो दिया है।
मां अस्पताल गई थी, घर पर अकेली थी बच्ची
मृतक बच्ची की पहचान रितिका सपेरा के रूप में हुई है, जो प्रदीप सपेरा की पुत्री थी। घटना के समय घर पर कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था। रितिका की मां सरिता सपेरा अपनी छोटी बेटी को उपचार के लिए उचेहरा स्थित अस्पताल लेकर गई थीं। घर पर अकेली रितिका खेलते-खेलते घर से कुछ दूर स्थित हनुमान मंदिर के पीछे पहुंच गई, जहां नहर निर्माण के दौरान खोदी गई खदान में बारिश का पानी भरा हुआ था।
खेलने के दौरान रितिका का पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरी। खदान की गहराई अधिक होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सकी और पानी में डूब गई। काफी देर तक जब वह घर नहीं लौटी, तो आसपास के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की।
अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित किया
स्थानीय निवासियों ने जब बच्ची को खदान के पानी में देखा, तो आनन-फानन में उसे बाहर निकाला गया। गंभीर हालत में उसे तुरंत उचेहरा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद रितिका को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हुआ। हल्का पटवारी स्वामित्र श्रीवास्तव के साथ उचेहरा थाने की पुलिस टीम, जिसमें सहायक उपनिरीक्षक देवनारायण उपाध्याय और आरक्षक शैलेन्द्र कुशवाहा शामिल थे, मौके पर पहुंची। इसके अलावा ग्राम सरपंच राजू रावत भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
ग्रामीणों में गहरा आक्रोश, सुरक्षा मानकों पर सवाल
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नहर निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार और संबंधित विभाग ने जगह-जगह गहरी खदानें खोदी थीं, लेकिन काम खत्म होने के बाद इन्हें पाटने या सुरक्षित घेराबंदी करने की जहमत नहीं उठाई गई। बारिश के मौसम में इन खदानों में पानी भर जाने से ये मौत का जाल बन गई हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इन खुली खदानों को तत्काल प्रभाव से भरवाए या इनकी सुरक्षा के लिए उचित इंतजाम करे। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े।
फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की सुरक्षा संबंधी लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
