संतकबीरनगर: नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला, 5 दिन बाद भी अंतिम संस्कार पर गतिरोध बरकरार
Santkabirnagar nursing student death case investigation updates. संतकबीरनगर के धनघटा क्षेत्र की 21 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की मौत के मामले में पांच दिन बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। परिजन दूसरे डॉक्टरों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पांच दिन से शव का इंतजार, न्याय की मांग पर अड़े परिजन
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के धनघटा क्षेत्र में एक 21 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी मृतका का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। परिजन अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे।
मृतका खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर नर्सिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। बीते शनिवार की सुबह उसकी संदिग्ध मौत की खबर सामने आई, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। परिजनों ने इस मामले में हत्या का गंभीर आरोप लगाया है और पुलिस पर भी जांच में लापरवाही बरतने के संकेत दिए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठे सवाल, दोबारा जांच की मांग
परिजनों का मुख्य आरोप है कि छात्रा के शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान थे, जिन्हें पहले हुए पोस्टमार्टम में नजरअंदाज किया गया या छिपाया गया। उनका दावा है कि छात्रा के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या की गई। इसी अविश्वास के कारण परिजन अब किसी अन्य डॉक्टरों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग कर रहे हैं।
बुधवार देर रात प्रशासन की पहल पर शव को दोबारा पोस्टमार्टम हाउस ले जाया गया था। वहां एडीएम, एएसपी और सीओ जैसे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, लेकिन कुछ बिंदुओं पर सहमति न बन पाने के कारण प्रक्रिया अधूरी रह गई। फिलहाल शव को ताबूत में सुरक्षित रखा गया है और परिजन अपनी जिद पर कायम हैं।
राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक प्रयास
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहा है। बुधवार को वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश साहनी भी घटनास्थल पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। इसके अलावा निषाद पार्टी और बसपा के नेता भी मौके पर मौजूद रहे, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर धनघटा क्षेत्र के उमरिया बाजार निवासी अन्नू अग्रहरि और छात्रा की एक सहेली के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, गिरफ्तारी और जांच की धीमी गति को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है। प्रशासन का कहना है कि वे कानूनी प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ रहे हैं।
आगे की राह और जांच की दिशा
अब सबकी नजरें दोबारा होने वाले पोस्टमार्टम पर टिकी हैं। यदि दोबारा पोस्टमार्टम होता है, तो उससे मिलने वाली रिपोर्ट इस मामले में निर्णायक साबित होगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा की मौत के पीछे के वास्तविक कारण क्या थे और क्या वाकई उसके साथ कोई अपराध हुआ था।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही जांच की अगली दिशा तय की जाएगी। फिलहाल, पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और परिजनों के आरोपों के बीच एक बड़ा गतिरोध बना हुआ है। स्थानीय लोग भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि मृतका को न्याय मिल सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
