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समस्तीपुर: रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ी गईं DCLR कंचन कुमारी, निगरानी टीम को भी दिया था पैसे का लालच

कंचन ने जमीन विवाद से जुड़े केस को सुझलाने के एवज में 2 लाख कैश और वॉशिंग मशीन की डिमांड की थी। टीम ने DCLR को 2 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

28 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
समस्तीपुर: रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ी गईं DCLR कंचन कुमारी, निगरानी टीम को भी दिया था पैसे का लालच
मूल स्रोत

जमीन विवाद सुलझाने के नाम पर मांगी थी घूस

समस्तीपुर जिले के रोसड़ा में पदस्थापित भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) कंचन कुमारी झा को निगरानी विभाग की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उन पर जमीन विवाद से जुड़े एक मामले में फैसला अपने पक्ष में सुनाने के बदले 2 लाख रुपये नकद और एक महंगी ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन की मांग करने का गंभीर आरोप है। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने उनके सरकारी आवास पर लंबी छापेमारी की, जिसमें भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब विभूतिपुर के रहने वाले मनोज कुमार ने अपनी जमीन से जुड़े विवाद को लेकर DCLR कार्यालय में वाद दायर किया था। पीड़ित का आरोप है कि सुनवाई के दौरान DCLR ने उनसे 5 लाख रुपये की मांग की थी। जब पीड़ित ने असमर्थता जताई, तो DCLR ने तर्क दिया कि विपक्षी पक्ष ने पहले ही 7 लाख रुपये दे दिए हैं। अंततः 2 लाख रुपये और एक वॉशिंग मशीन पर सौदा तय हुआ, जिसकी शिकायत पीड़ित ने निगरानी विभाग से कर दी थी।

गिरफ्तारी के दौरान रौब और रिश्वत की पेशकश

निगरानी विभाग की टीम जब छापेमारी के लिए DCLR के सरकारी आवास पर पहुंची, तो अधिकारी ने अपना रसूख दिखाने की कोशिश की। सूत्रों के अनुसार, कंचन कुमारी ने खुद को एक राज्यसभा सांसद का करीबी बताते हुए टीम पर दबाव बनाने का प्रयास किया। जब यह पैंतरा काम नहीं आया, तो उन्होंने निगरानी अधिकारियों को ही मामले को रफा-दफा करने के लिए पैसे की पेशकश कर दी। हालांकि, टीम ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले गई।

करीब 16 घंटे तक चली इस छापेमारी के दौरान निगरानी टीम ने आवास से 13.82 लाख रुपये नकद बरामद किए। इस कार्रवाई ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। कंचन कुमारी पिछले डेढ़ साल से रोसड़ा में DCLR के पद पर तैनात थीं और इससे पहले भी उन पर जमीन संबंधी फैसलों में अनियमितता बरतने के आरोप लगते रहे हैं।

संपत्ति का ब्यौरा और जांच का दायरा

गिरफ्तारी के बाद DCLR की घोषित संपत्ति का ब्यौरा भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, कंचन कुमारी के बैंक खातों में नाममात्र की राशि है, जबकि उनके पति अमोद कुमार झा के खातों में लाखों रुपये जमा हैं। इसके अलावा, उनके पास भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण और कीमती हीरे के गहने भी होने की जानकारी सामने आई है। निगरानी विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या यह संपत्ति उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक है।

इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित मनोज कुमार का कहना है कि उन्होंने न्याय पाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी और अंत में निगरानी विभाग की मदद ली। फिलहाल, निगरानी विभाग की टीम बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है, ताकि इस भ्रष्टाचार के जाल में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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