सहरसा में दर्दनाक हादसा: स्कूल से लौट रही 3 साल की बच्ची की गड्ढे में डूबने से मौत
सहरसा के महिषी थाना क्षेत्र में स्कूल से घर लौट रही साढ़े तीन साल की बच्ची की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। यह घटना घोघेपुर पंचायत के चौड़ा वार्ड नंबर 12 में हुई, जहां बच्ची अपने घर से लगभग 60 मीटर की दूरी पर एक गड्ढे में गिर गई।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

स्वतंत्रता दिवस के दिन घर में पसरा मातम
बिहार के सहरसा जिले में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां महिषी थाना क्षेत्र के घोघेपुर पंचायत में एक साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब बच्ची स्कूल से अपने घर लौट रही थी। अपनी बेटी को खोने के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे इलाके में शोक की लहर है।
मृतक बच्ची की पहचान साक्षी कुमारी के रूप में हुई है, जो अनिल कुमार की बेटी थी। अनिल कुमार गांव में ही कंपाउंडर के रूप में कार्यरत हैं। साक्षी तीन बहनों में दूसरे नंबर पर थी। स्वतंत्रता दिवस के उत्साह के बीच घटी इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
झंडा फहराने देखने गई थी मासूम
बच्ची के दादा शंभू मुखिया ने बताया कि 15 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे साक्षी उत्साह के साथ घर के पास झंडा फहराने का कार्यक्रम देखने गई थी। दोपहर लगभग डेढ़ बजे जब वह वापस अपने घर की ओर लौट रही थी, तभी रास्ते में वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने एक गहरे गड्ढे में गिर गई। घर से इस गड्ढे की दूरी महज 60 मीटर बताई जा रही है।
परिजनों को शुरुआत में इस बात का अंदाजा नहीं था कि बच्ची किसी हादसे का शिकार हो गई है। उन्हें लगा कि वह कहीं आसपास खेल रही होगी। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी जब साक्षी घर नहीं लौटी, तो परिवार के सदस्यों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद जब वे उस गड्ढे के पास पहुंचे, तो बच्ची वहां मृत अवस्था में मिली।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। महिषी थाना अध्यक्ष प्रभाकर भारती ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्ची की मौत डूबने के कारण हुई है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
इस घटना ने सड़क किनारे बने असुरक्षित गड्ढों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन गड्ढों को भरा गया होता, तो शायद आज एक मासूम की जान बच सकती थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
अपनी लाडली को खोने के बाद मां शीशम कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में मातम का माहौल है और आसपास के लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। एक हंसती-खेलती बच्ची के अचानक दुनिया से चले जाने से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। प्रशासन की ओर से भी पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!