सहरसा: स्कॉर्पियो चालक का 19 घंटे तक अपहरण, बदमाशों ने फिरौती में वसूले 2.75 लाख रुपये
Saharsa kidnapping case, driver held hostage for 19 hours, ransom paid. सहरसा के बलवाहाट थाना क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने एक स्कॉर्पियो चालक का अपहरण कर 19 घंटे तक बंधक बनाए रखा। बदमाशों ने चालक को छोड़ने के एवज में उसके परिजनों से 2 लाख 75 हजार रुपए की फिरौती वसूली।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

बिहार के सहरसा जिले में अपराध का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक स्कॉर्पियो चालक को बंधक बनाकर बदमाशों ने करीब 19 घंटे तक प्रताड़ित किया। इस दौरान बदमाशों ने चालक के परिजनों से कुल 2 लाख 75 हजार रुपये की फिरौती वसूल की। घटना के बाद से पीड़ित चालक गहरे सदमे में है और उसका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।
किराए पर गाड़ी लेने के बहाने दिया वारदात को अंजाम
पीड़ित चालक की पहचान सहरसा नगर निगम के वार्ड नंबर 2 के निवासी 26 वर्षीय संजीव कुमार यादव के रूप में हुई है। संजीव अपनी स्कॉर्पियो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घटना की शुरुआत 3 अगस्त को हुई, जब माखड़ गांव के रहने वाले सरवन यादव ने संजीव की गाड़ी को मटेश्वर धाम जाने के लिए किराए पर बुक किया। शाम करीब 7 बजे जब वे मटेश्वर धाम से लौट रहे थे, तभी रास्ते में बदमाशों ने संजीव और उनकी गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया।
अपहरण के बाद बदमाशों ने संजीव को बलवाहाट थाना क्षेत्र के गलफड़िया पोखर के पास ले जाकर बंधक बना लिया। वहां उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। इस दौरान बदमाशों ने संजीव के परिजनों को फोन कर पैसों की मांग शुरू कर दी। डर के मारे परिजनों ने पहले 72,000 रुपये और फिर 55,000 रुपये नकद बदमाशों को सौंप दिए।
डिजिटल ट्रांजेक्शन और वीडियो बनाकर दी धमकी
बदमाशों की भूख यहीं खत्म नहीं हुई। अगले दिन, 4 अगस्त को उन्होंने संजीव को छोड़ने की एवज में परिजनों से 98,000 रुपये और फिर 40,000 रुपये अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए। इस तरह कुल 2.75 लाख रुपये की वसूली की गई। रिहाई से पहले बदमाशों ने एक खतरनाक चाल चली; उन्होंने संजीव के हाथ में राइफल थमाकर उनकी गाड़ी के साथ फोटो और वीडियो बनाए।
बदमाशों ने संजीव को धमकाया कि यदि उन्होंने इस घटना की जानकारी किसी को दी या पुलिस के पास गए, तो वे इस वीडियो को वायरल कर देंगे और उन्हें आर्म्स एक्ट के झूठे मामले में फंसा देंगे। इस धमकी के कारण पीड़ित परिवार काफी समय तक खौफ के साये में रहा।
अस्पताल में दर्ज हुआ बयान, पुलिस जांच शुरू
रिहाई के बाद संजीव की मानसिक स्थिति काफी बिगड़ गई थी, जिसके चलते 5 अगस्त को उनकी मां ने उन्हें सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में इलाज के दौरान 6 अगस्त की रात 10 बजे पुलिस ने संजीव का फर्द बयान दर्ज किया। सदर अस्पताल के प्रभारी गुंजन कुमार ने पुष्टि की है कि पीड़ित का बयान दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर रही है। पीड़ित के बयान के आधार पर संबंधित थाने को मामले की जांच और आरोपियों की धरपकड़ के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल, पुलिस उन बैंक खातों की भी जांच कर रही है जिनमें फिरौती की रकम ट्रांसफर की गई थी।
इस घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है। सहरसा में इस तरह से सुनियोजित तरीके से अपहरण और फिरौती की घटना ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
