सहारनपुर: मृत सरकारी कर्मचारी की संपत्ति हड़पने के लिए रची गई फर्जी परिवार की साजिश, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज
Saharanpur fake family property fraud case news. सहारनपुर के बेहट क्षेत्र के गांव खिड़का भटकव्वा निवासी चंगेज खान ने अपने दिवंगत भाई तबरेज खान की चल-अचल संपत्ति, नौकरी से मिलने वाले फंड और अन्य लाभ हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाते हुए एसीजेएम प्रथम न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। कोर्ट के आदेश पर थाना बेहट पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मृतक की संपत्ति पर कब्जे की कोशिश
सहारनपुर के बेहट क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दिवंगत सरकारी कर्मचारी की संपत्ति और नौकरी से मिलने वाले लाभों को हड़पने के लिए एक फर्जी परिवार खड़ा कर दिया गया। खिड़का भटकव्वा गांव के निवासी चंगेज खान ने आरोप लगाया है कि उनके भाई तबरेज खान की मृत्यु के बाद कुछ लोगों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत उन्हें विवाहित बताकर फर्जी पत्नी और बेटे तैयार कर लिए।
तबरेज खान रेशम विभाग, मांडूवाला में एक स्थायी कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। चंगेज खान के अनुसार, उनके भाई ने जीवन भर विवाह नहीं किया था और 21 सितंबर 2025 को उनका निधन हो गया। भाई की मृत्यु के बाद, कुछ अज्ञात लोगों ने उनकी चल-अचल संपत्ति और सरकारी फंड को हथियाने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर करना शुरू कर दिया।
फर्जी दस्तावेजों का जाल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहत खान नामक महिला को तबरेज खान की पत्नी और दो युवकों, यूसुफ खान और असद खान को उनका बेटा दर्शाने के लिए फर्जी निकाहनामा और आधार कार्ड तैयार किए गए। इन दस्तावेजों में तबरेज खान का नाम गलत तरीके से दर्ज कराया गया, जबकि यूसुफ और असद के वास्तविक पिता का नाम मशकूर खान है। इन फर्जी दस्तावेजों का उपयोग रेशम विभाग से फंड प्राप्त करने और अन्य संपत्तियों पर दावा करने के लिए किया जा रहा था।
चंगेज खान ने यह भी दावा किया कि आरोपियों ने गणपति विहार के पते पर तबरेज खान का एक फर्जी परिवार सदस्यता प्रमाण पत्र भी बनवा लिया है। जबकि वास्तविकता यह है कि तबरेज खान हमेशा खिड़का भटकव्वा गांव में ही रहे और वहीं के मतदाता थे। उन्होंने आरोप लगाया कि तबरेज खान की मृत्यु के समय उनके कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और मोबाइल फोन चोरी कर लिए गए थे, जिनका अब गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
धमकी और कानूनी कार्रवाई
जब चंगेज खान को इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई, तो उन्होंने 23 अप्रैल 2026 को आरोपियों को ऐसा करने से रोकने की कोशिश की। आरोप है कि इसके बदले में आरोपियों ने उन्हें गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। चंगेज खान ने इस मामले की शिकायत एसएसपी और एसीपी कार्यालय में भी की थी, लेकिन तब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अंततः, न्याय पाने के लिए चंगेज खान ने एसीजेएम प्रथम न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संज्ञान लिया और बेहट पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन-कौन से लोग शामिल हैं और सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कैसे संभव हुआ।
जांच का दायरा
पुलिस अब उन सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है जो रेशम विभाग में जमा कराए गए थे। साथ ही, आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों में किए गए बदलावों के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है। यह मामला सरकारी तंत्र में सेंधमारी और पहचान की चोरी का एक गंभीर उदाहरण है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आने वाले दिनों में पुलिस आरोपियों से पूछताछ करेगी। इस मामले में शामिल लोगों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की उम्मीद है। चंगेज खान ने मांग की है कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई और इस तरह की साजिश न रच सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
