साध्वी हर्षानंद का संतों पर बड़ा हमला: आश्रमों में ब्यूटी सर्विस और सुरक्षा पर उठाए सवाल
मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि अपने बेबाक बयानों को लेकर सुर्खियों में रही है, उन्होंने एक बार फिर संतो के आश्रम को लेकर विवादित बयान दिया है। हर्षा ने संतो के आश्रम में महिला सुरक्षा और संतो द्वारा चोरी छुपे ब्यूटी पार्लर का उपयोग करने के आरोप लागते हुए, संतो की पवित्रता पर सवाल खड़े करते हुए नई बहस छेड़ दी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

संतों की जीवनशैली और आश्रमों की सुरक्षा पर साध्वी ने खड़े किए सवाल
मॉडल से साध्वी बनीं हर्षानंद गिरि उर्फ हर्षा रिछारिया ने एक बार फिर अपने बयानों से धार्मिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उज्जैन में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पहुंचीं साध्वी ने संतों के आश्रमों में चल रही गतिविधियों और वहां महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कई संत चोरी-छिपे अपने आश्रमों में ब्यूटी पार्लर की सेवाएं लेते हैं और मैनिक्योर-पेडिक्योर जैसी सुविधाएं प्राप्त करते हैं।
साध्वी हर्षानंद ने अपनी जीवनशैली का बचाव करते हुए कहा कि यदि ईश्वर की पूजा करने वाले संत सुंदर तरीके से रह सकते हैं, तो एक साध्वी के लिए भी सौंदर्य का अधिकार समान होना चाहिए। उन्होंने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो उनके मेकअप करने, बाल रंगने या लिपस्टिक लगाने पर सवाल उठाते हैं। साध्वी ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह की पाखंडी परंपराओं में विश्वास नहीं रखतीं और अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीने का अधिकार रखती हैं।
सुरक्षा की गारंटी का मुद्दा
अपने ऊपर लग रहे आरोपों का जवाब देते हुए साध्वी ने संतों को चुनौती दी कि वे किसी ऐसे आश्रम का नाम बताएं जहां उन्हें 100 प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी मिले। उन्होंने कहा कि यदि कोई संत उन्हें अपनी बेटी के समान मानकर जीवन भर सुरक्षा का वचन दे, तो वे उनके आश्रम में रहने को तैयार हैं। साध्वी ने तर्क दिया कि जब तक उन्हें सुरक्षित वातावरण नहीं मिलता, तब तक वे या तो अपने गुरु के आश्रम में रहेंगी या अपने माता-पिता के घर में, जहां वे खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं।
साध्वी ने उन संतों पर भी निशाना साधा जो उनके माता-पिता के घर रहने पर टिप्पणी करते हैं। उन्होंने कहा कि जिन संतों के पास बड़े-बड़े आश्रम हैं, वे अपनी सुविधा के अनुसार वहां रह सकते हैं, लेकिन आज के दौर में किसी की पवित्रता पर सवाल उठाना आसान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सुरक्षा और सम्मान उनके लिए प्राथमिकता है, और इस पर किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
उज्जैन से जुड़ा है दीक्षा का इतिहास
गौरतलब है कि साध्वी हर्षानंद गिरि ने इसी साल 18 अप्रैल को उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में महामंडलेश्वर सुमनानंद से दीक्षा ली थी। दीक्षा के दौरान उन्होंने विधि-विधान से पिंडदान भी किया था। संन्यास ग्रहण करने के बाद से ही वे लगातार चर्चाओं में रही हैं, कभी अपने प्रवचनों के कारण तो कभी अपनी जीवनशैली को लेकर। वे अक्सर व्यासपीठ से प्रवचन देती हुई नजर आती हैं, जिसके चलते उन्हें कई बार आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा है।
साध्वी के इन बयानों ने एक बार फिर संत समाज के भीतर चल रहे अंतर्विरोधों को सार्वजनिक कर दिया है। जहां एक ओर वे अपनी बात पर अडिग हैं, वहीं दूसरी ओर उनके बयानों से धार्मिक समुदाय में नई बहस छिड़ गई है। यह मामला अब सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां लोग साध्वी के बेबाक अंदाज और उनके द्वारा उठाए गए सुरक्षा संबंधी सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
विवादों से पुराना नाता
साध्वी हर्षानंद का मॉडल से साध्वी बनने का सफर काफी चर्चित रहा है। संन्यास लेने के बाद से ही उन पर मेकअप और आधुनिक जीवनशैली अपनाने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, साध्वी ने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया है और इसे अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता बताया है। उनका मानना है कि आध्यात्मिकता का अर्थ केवल सादगी नहीं, बल्कि मन की शुद्धि और ईश्वर के प्रति समर्पण है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि संत समाज के अन्य वरिष्ठ सदस्य साध्वी के इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। क्या कोई आश्रम उन्हें सुरक्षा की गारंटी देने के लिए आगे आएगा, या यह विवाद इसी तरह बना रहेगा, यह भविष्य के गर्भ में है। फिलहाल, साध्वी हर्षानंद अपने बयानों के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट करने और अपनी सुरक्षा को लेकर मुखर बनी हुई हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!