एथेनॉल पेट्रोल विवाद: सांसद जनार्दन मिश्रा के बयान पर नेहा सिंह राठौर का तीखा पलटवार
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा के एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर दिए बयान पर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने सोमवार शाम पलटवार किया। सांसद के बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “सांसद जी पूछ रहे हैं कि शुद्ध पेट्रोल क्या तुम्हारे बाप के घर से आएगा?

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सांसद के बयान पर गरमाई सियासत
मध्यप्रदेश के रीवा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद जनार्दन मिश्रा द्वारा एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर दिए गए एक विवादित बयान ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। सांसद ने पेट्रोल में एथेनॉल की मिलावट का विरोध करने वालों पर तंज कसते हुए कहा था कि 'शुद्ध पेट्रोल क्या तुम्हारे बाप के घर से आएगा?' इस बयान के बाद लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया के माध्यम से सांसद पर कड़ा प्रहार किया है।
नेहा सिंह राठौर ने अपने वीडियो संदेश में सांसद से सीधे सवाल किए हैं। उन्होंने पूछा कि यदि शुद्ध पेट्रोल की मांग करना गलत है, तो एथेनॉल की आपूर्ति किसके घर से हो रही है। उन्होंने आगे सवाल उठाया कि एथेनॉल की मिलावट का निर्णय किसके कहने पर लिया गया और इसकी फैक्ट्रियां किन लोगों ने स्थापित की हैं। राठौर ने सांसद के लहजे पर आपत्ति जताते हुए इसे जनता के प्रति असंवेदनशील बताया है।
सांसद का तर्क और एथेनॉल का बचाव
यह विवाद रीवा एयरपोर्ट पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। सांसद जनार्दन मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा था कि भारत अपनी तेल जरूरतों का 80 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। उन्होंने वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध का हवाला देते हुए कहा कि तेल आपूर्ति के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सांसद ने अपने तर्क को पुष्ट करने के लिए ब्राजील का उदाहरण दिया। उन्होंने दावा किया कि ब्राजील में वाहन 100 प्रतिशत एथेनॉल पर चल रहे हैं और वहां कोई तकनीकी समस्या नहीं है। मिश्रा के अनुसार, भारत में भी ऑटोमोबाइल मैकेनिकों का मानना है कि एथेनॉल मिश्रण से गाड़ियों के इंजन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। उन्होंने विरोध करने वालों को विकास विरोधी करार देते हुए केंद्र सरकार की नीतियों का बचाव किया।
नेहा सिंह राठौर का तीखा रुख
लोक गायिका नेहा सिंह राठौर, जो अक्सर अपने व्यंग्यात्मक गीतों और तीखे सवालों के लिए जानी जाती हैं, ने इस मुद्दे को जनता के अधिकारों से जोड़ दिया है। उन्होंने सांसद के 'बाप के घर' वाले बयान को अहंकारपूर्ण बताया। राठौर ने पूछा कि एक साल पहले तक जब शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध था, तब वह कहां से आ रहा था। उनका कहना है कि सरकार को जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। नेहा सिंह राठौर के समर्थक उनके द्वारा उठाए गए सवालों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर भाजपा समर्थकों का तर्क है कि सांसद ने केवल देश की आर्थिक स्थिति और ऊर्जा सुरक्षा को समझाने के लिए यह बात कही थी। इस बहस ने पेट्रोल की कीमतों और ईंधन की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा छेड़ दी है।
विकास और विवाद के बीच का संतुलन
सांसद जनार्दन मिश्रा ने अपने भाषण में यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी के सुशासन के कारण देश तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे तेजी से विकसित होता देश है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर देश की प्रगति और केंद्र सरकार की नीतियों को बाधित करने के लिए विरोध कर रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने रीवा की स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ जहां सांसद अपने बयानों पर अडिग हैं, वहीं विपक्षी विचारधारा रखने वाले लोग इसे जनता के अपमान के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल, इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या माफीनामा सामने नहीं आया है, लेकिन एथेनॉल पेट्रोल को लेकर आम जनता के बीच संशय और बहस का दौर जारी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!