राजगीर खेलो इंडिया सेंटर में बड़ा बदलाव: कुश्ती की जगह अब तैराकी को मिली मंजूरी, कोचों की होगी तैनाती
भारतीय खेल प्राधिकरण ने राजगीर स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेल विधा के बदलाव को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। अब इस केंद्र में कुश्ती के स्थान पर तैराकी को आधिकारिक तौर पर शामिल कर लिया गया है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

बिहार के राजगीर स्थित 'खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में खेल गतिविधियों को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने आधिकारिक तौर पर इस केंद्र में खेल विधा में बदलाव को मंजूरी दे दी है। अब तक यहाँ कुश्ती के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था थी, जिसे हटाकर अब तैराकी (Swimming) को मुख्य विधा के रूप में शामिल किया गया है।
कोच और विशेषज्ञों की होगी तैनाती
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाले भारतीय खेल प्राधिकरण ने बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। नई विधा के तहत खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए मानव संसाधन का एक नया ढांचा तैयार किया गया है। योजना के अनुसार, सेंटर में एथलेटिक्स, भारोत्तोलन और तैराकी के लिए कुल तीन मुख्य कोच नियुक्त किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, तैराकी के लिए विशेष रूप से एक सहायक कोच की भी तैनाती की जाएगी।
इस बदलाव के लिए वित्तीय सहायता का खाका भी तैयार कर लिया गया है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अगस्त महीने से प्रभावी तीन तिमाहियों के लिए कोचों के वेतन हेतु 40 लाख 80 हजार रुपए आवंटित किए गए हैं। वहीं, तैराकी से संबंधित उपकरणों की खरीद के लिए 18 प्रतिशत जीएसटी सहित 18 लाख 21 हजार 920 रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इस प्रकार, चालू वित्त वर्ष के लिए कुल 59 लाख 1 हजार 920 रुपए का बजट प्रावधान किया गया है।
आगामी वर्षों के लिए बजट और अनुबंध की प्रक्रिया
आगामी वित्तीय वर्षों के लिए इस केंद्र का वार्षिक बजट 79 लाख 41 हजार 920 रुपए निर्धारित किया गया है। यह राशि भारतीय खेल प्राधिकरण और बिहार सरकार के बीच औपचारिक अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के बाद जारी की जाएगी। अनुबंध की एक प्रति साई के कोलकाता क्षेत्रीय केंद्र को भेजी जानी अनिवार्य है, जिसके बाद ही फंड की निकासी की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
उपकरणों की खरीद को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। पूर्व में कुश्ती के लिए जारी की गई 15 लाख 62 हजार 821 रुपए की एकमुश्त अनुदान राशि को अब नियमों के तहत तैराकी के गैर-आवर्ती उपकरणों की खरीद में उपयोग करने की अनुमति दी गई है। हालांकि, वर्ष 2023 में जारी 5 लाख 20 हजार 940 रुपए की पुरानी राशि को तैराकी अनुदान का हिस्सा नहीं माना जाएगा और इसे राज्य सरकार को वापस लौटाना होगा।
विश्वस्तरीय प्रशिक्षण की तैयारी
बिहार सरकार से तैराकी उपकरणों की खरीद के लिए एक विस्तृत मदवार प्रस्ताव भी मांगा गया है। इस प्रस्ताव के मिलने के बाद ही उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में तेजी आएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि राजगीर केंद्र में जल्द से जल्द विश्वस्तरीय तैराकी प्रशिक्षण शुरू किया जा सके।
इस बदलाव के साथ ही राजगीर स्थित खेल केंद्र अब तैराकी के क्षेत्र में उभरते खिलाड़ियों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होगा। डीपीएसी के निर्देशों के अनुसार, कुश्ती के लिए पूर्व में राज्य सरकार द्वारा खर्च की गई राशि का वहन राज्य सरकार को स्वयं करना होगा, क्योंकि अब विधा पूरी तरह से बदल दी गई है।
खेल विभाग के इस निर्णय से बिहार में तैराकी के खेल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कोचों की नियुक्ति और उपकरणों की उपलब्धता के बाद, यह केंद्र राज्य के तैराकों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण स्थल साबित होगा।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!