राजगढ़: स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध रूप से चल रहे 10 क्लीनिक किए गए सील
राजगढ़ जिले के जीरापुर में शनिवार को पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने बिना वैध दस्तावेज संचालित 10 क्लीनिक सील कर दिए। कार्रवाई से पहले बाहर से पुलिस बल बुलाकर चिह्नित क्लीनिकों के बाहर तैनात किया गया।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के जीरापुर कस्बे में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान बिना किसी वैध दस्तावेज और अनुमति के संचालित हो रहे 10 क्लीनिकों को प्रशासनिक अधिकारियों ने सील कर दिया। इस औचक निरीक्षण के दौरान इलाके में हड़कंप मच गया और कई क्लीनिक संचालक मौके से फरार हो गए।
पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग को लंबे समय से जीरापुर में बिना डिग्री और वैध दस्तावेजों के क्लीनिक चलाने की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को विभाग ने पुलिस बल के साथ मिलकर एक विशेष अभियान चलाया। कार्रवाई को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पहले ही चिह्नित स्थानों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था, ताकि किसी भी प्रकार के विरोध या बाधा को रोका जा सके।
हालांकि, प्रशासन की सख्ती के बावजूद कई क्लीनिक संचालक कार्रवाई की भनक लगते ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर मौके से भागने में सफल रहे। प्रशासन ने उन सभी क्लीनिकों को सील कर दिया है जहां अनियमितताएं पाई गईं।
इन क्लीनिकों पर हुई कार्रवाई
विभाग द्वारा सील किए गए क्लीनिकों की सूची में विनोद पांचाल का चाइल्ड हेल्थ केयर, फिरोज खान का अलशिफा क्लीनिक, डॉ. उमर फारूक का राहत डेंटल और मोबिना खान का चहक मेडिकल एवं क्लीनिक स्टोर शामिल हैं। इसके अलावा विजय कुमार गौड़ का सांवरिया क्लीनिक, वहीद उल्लाह खान का शिफा दवा खाना, अब्दुल जब्बार का रुहान दवा खाना, प्रोभाश विश्वास का क्रिश नंदू क्लीनिक, प्रकाश मालाकार का मालाकार क्लीनिक और पारस कुमार मीणा का मीणा क्लीनिक भी सील कर दिया गया है।
इन सभी संचालकों के पास चिकित्सा कार्य करने के लिए आवश्यक वैध दस्तावेज नहीं पाए गए, जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग ने यह कठोर कदम उठाया है।
जिले में अवैध क्लीनिकों का जाल
राजगढ़ जिले के विभिन्न कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना वैध डिग्री के क्लीनिक चलाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इससे पहले खिलचीपुर क्षेत्र में भी इसी तरह के अवैध क्लीनिकों के संचालन की खबरें चर्चा में रही हैं। कई मामलों में यह भी देखा गया है कि लोग दूसरों के लाइसेंस का उपयोग करके मेडिकल स्टोर और क्लीनिक चला रहे हैं, जो सीधे तौर पर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है।
जीरापुर में हुई इस कार्रवाई ने जिले के अन्य हिस्सों में भी अवैध रूप से चल रहे चिकित्सा केंद्रों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई केवल एक कस्बे तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे जिले में सघन जांच अभियान चलाया जाना चाहिए ताकि झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों पर नकेल कसी जा सके।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने सील किए गए क्लीनिकों के संचालकों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी यदि बिना वैध दस्तावेजों के कोई भी क्लीनिक संचालित पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!