राजस्थान के 15 जिलों में बारिश का अलर्ट, मानसून की सुस्ती से गर्मी और उमस का दौर जारी
Rajasthan monsoon rain forecast latest weather update 2026. राजस्थान में मानसून का एक बार फिर असर दिखाई दे सकता है। पहले पूर्वी राजस्थान और बाद में पश्चिमी राजस्थान में मानसून की बारिश होने की संभावना है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान में मानसून की बेरुखी के बीच मौसम विभाग ने राहत की उम्मीद जगाई है। जयपुर स्थित मौसम केंद्र ने प्रदेश के 15 जिलों में आगामी समय के लिए आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। राज्य में मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर बनी हुई है, जिसके चलते कई इलाकों में लोग उमस भरी गर्मी से जूझ रहे हैं।
मानसून की वर्तमान स्थिति और बारिश का आंकड़ा
प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से 25 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो दौसा के बसवा में सर्वाधिक 32 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि अलवर, धौलपुर, बूंदी और कोटा के कुछ हिस्सों में हल्की फुहारें देखी गईं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्वी भारत में बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर होकर चक्रवाती परिसंचरण में बदल गया है, जिससे मानसूनी ट्रफ लाइन फिलहाल अमृतसर, करनाल और रांची से गुजर रही है।
आगामी दो से तीन दिनों तक पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून की परिस्थितियां कमजोर रहने का अनुमान है। हालांकि, 20 और 21 जुलाई से कोटा, भरतपुर, जयपुर और अजमेर संभाग के कुछ क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
पश्चिमी राजस्थान में बारिश का इंतजार
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के निवासी पिछले 10 दिनों से बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 22 से 28 जुलाई के बीच इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। अब तक इन संभागों में केवल श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश ही दर्ज की गई है।
श्रीगंगानगर जिला वर्तमान में प्रदेश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है। पिछले 10 दिनों में से 9 दिन यह जिला राज्य में सर्वाधिक तापमान वाला रहा है। शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बीकानेर में पारा 40.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
विभिन्न जिलों का हाल
राजधानी जयपुर में गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक है। कोटा में भी उमस के कारण लोग पसीने से तरबतर रहे, जहां अगले दो दिन मौसम शुष्क रहने के बाद 21 जुलाई से राहत की उम्मीद है। उदयपुर, अजमेर और जोधपुर में भी बादलों की आवाजाही के बावजूद बारिश न होने से उमस का प्रकोप जारी है।
अलवर और सीकर जैसे जिलों में आसमान में बादल तो छाए रहे, लेकिन बारिश की कमी ने लोगों को परेशान किया। अलवर में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना जताई है, जिससे तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
