राजस्थान में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल समाप्त, परिवहन विभाग से बनी सहमति
परिवहन मुख्यालय में ट्रांसपोर्ट संगठनों और परिवहन विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी। इसके बाद राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा कर दी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान में पिछले चार दिनों से जारी ट्रांसपोर्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को समाप्त हो गई। परिवहन मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में परिवहन विभाग के अधिकारियों और ट्रांसपोर्ट संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच बनी सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया। इस हड़ताल के कारण प्रदेश में माल ढुलाई का काम पूरी तरह से ठप हो गया था, जिससे व्यापारियों और आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
सात प्रमुख मांगों पर बनी सहमति
बैठक के दौरान परिवहन विभाग ने ट्रांसपोर्टरों की सात प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए लिखित आदेश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कुछ मांगों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जबकि अन्य जटिल मुद्दों के समाधान के लिए एक विभागीय समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति कानूनी पहलुओं की जांच कर आगे की कार्रवाई के लिए अपनी सिफारिशें देगी।
व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) को लेकर आ रही समस्याओं के समाधान के लिए विभाग ने पहले ही 13 जुलाई को नई एसओपी (SOP) जारी कर दी थी। इसके तहत अधिकृत कंपनियों के माध्यम से वाहन मालिकों को डिवाइस उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, ताकि तकनीकी बाधाओं को दूर किया जा सके।
शिकायत निवारण और फिटनेस केंद्रों का विस्तार
परिवहन विभाग ने ई-डिटेक्शन चालानों से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए एक विशेष विभागीय समिति बनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, जिला परिवहन कार्यालय स्तर पर हर महीने के पहले सोमवार को वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं का समाधान हो सके। यदि कोई समस्या जिला स्तर पर नहीं सुलझती है, तो उसे मुख्यालय स्तर पर भेजा जाएगा।
राज्य में फिटनेस केंद्रों की कमी को दूर करने के लिए भी विभाग ने ठोस कदम उठाए हैं। वर्तमान में 40 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों को अनुमति दी जा चुकी है, जबकि 43 नए केंद्रों को प्रारंभिक स्वीकृति मिल गई है। इन केंद्रों के शुरू होने से लगभग हर जिला मुख्यालय पर फिटनेस की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे वाहन मालिकों को अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।
व्यवहार और भविष्य की कार्ययोजना
बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी वाहन मालिकों तथा ड्राइवरों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करेंगे। इस संबंध में मुख्यालय की ओर से जल्द ही कड़े निर्देश जारी किए जाएंगे। विभाग ने फिटनेस प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने का भी आश्वासन दिया है, ताकि व्यावसायिक वाहनों का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति ने विभाग द्वारा दी गई लिखित गारंटी के बाद आंदोलन वापस लेने की घोषणा की है। हड़ताल खत्म होने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिली है और उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में माल ढुलाई और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी। ट्रांसपोर्ट संगठनों ने विभाग के इस कदम का स्वागत किया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!