राजस्थान नगर निगम चुनाव: जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर पद के लिए सियासी घमासान, प्रत्याशियों की प्रोफाइल पर एक नजर
राजस्थान के तीन नगर निगम जयपुर, जोधपुर और कोटा में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने मेयर प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतार दिए हैं। इनमें कोटा की अनुसुईया गोस्वामी भी शामिल हैं।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

राजस्थान के तीन प्रमुख नगर निगमों में चुनावी बिसात बिछी
राजस्थान के तीन प्रमुख शहरों जयपुर, जोधपुर और कोटा के नगर निगमों में मेयर पद के लिए चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। शनिवार को भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल कर दिए हैं। इस चुनावी मुकाबले में कई पुराने चेहरों को मौका दिया गया है, तो वहीं कुछ विवादित और चर्चित नाम भी सामने आए हैं, जिन्होंने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
जयपुर: सुनील कोठारी बनाम सुनीता मावर
जयपुर में भाजपा ने सुनील कोठारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। कोठारी का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। साल 2020 में उन्हें जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन कार्यकारिणी न बना पाने के कारण उन्हें कुछ ही महीनों में पद छोड़ना पड़ा था। हालांकि, बाद में उन्होंने गहलोत सरकार के खिलाफ 'म्हारा जयपुर' अभियान चलाकर अपनी सक्रियता साबित की। दूसरी ओर, कांग्रेस ने सुनीता मावर पर दांव लगाया है। मावर लंबे समय से नगर निगम की राजनीति में सक्रिय हैं और ओबीसी वर्ग का एक मजबूत महिला चेहरा मानी जाती हैं।
सुनीता मावर की दावेदारी के पीछे कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य शहरी वोटर्स और जातीय समीकरणों को साधना है। वे पिछले दो दशकों से निगम की राजनीति में जमी हुई हैं और कई समितियों की अध्यक्षता भी कर चुकी हैं। पार्टी के भीतर गुटबाजी के बावजूद उन्हें एक सर्वमान्य उम्मीदवार के रूप में पेश किया गया है।
जोधपुर: अनुभवी चेहरों के बीच मुकाबला
जोधपुर में भाजपा ने प्रसन्नचंद मेहता को मैदान में उतारा है, जो करीब 49 वर्षों से संगठन से जुड़े हैं। वे भाजयुमो के जिलाध्यक्ष से लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष तक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वहीं, कांग्रेस ने राजेंद्र सिंह सोलंकी को टिकट दिया है, जिनकी राजनीतिक शुरुआत 1970 के दशक में युवा कांग्रेस से हुई थी। सोलंकी पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाते हैं और पूर्व में जोधपुर विकास प्राधिकरण के चेयरमैन भी रह चुके हैं।
दोनों ही उम्मीदवारों का लंबा राजनीतिक अनुभव है। जहां मेहता संघ और संगठन की जड़ों से जुड़े रहे हैं, वहीं सोलंकी ने पार्षद से लेकर राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त करने तक का लंबा सफर तय किया है। जोधपुर के मतदाता इन अनुभवी चेहरों के बीच अपना मेयर चुनने के लिए तैयार हैं।
कोटा: अनुसुईया गोस्वामी की चर्चा
कोटा में भाजपा की प्रत्याशी अनुसुईया गोस्वामी सबसे अधिक चर्चा में हैं। वे पूर्व में एक अधिकारी को थप्पड़ मारने की घटना के बाद सुर्खियों में आई थीं। अनुसुईया का परिवार लंबे समय से भाजपा से जुड़ा रहा है और वे खुद भी प्रदेश मंत्री व महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। उनके सामने कांग्रेस ने युवा चेहरे आयुष पारेता को उतारा है।
अनुसुईया गोस्वामी की शैक्षणिक योग्यता सेकेंडरी तक है और उनकी संपत्ति करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है। उनके परिवार की हाड़ौती क्षेत्र में अच्छी पकड़ मानी जाती है। कोटा में यह मुकाबला पुराने और नए चेहरों के बीच की एक दिलचस्प लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।
इन तीनों नगर निगमों में मेयर पद का चुनाव न केवल स्थानीय निकायों के भविष्य को तय करेगा, बल्कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति की दिशा भी तय करेगा। सभी दलों ने अपने-अपने समीकरणों के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया है, अब अंतिम फैसला जनता के हाथों में है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!