राजस्थान: नकली सोने की ईंट का झांसा देकर ठगी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार, 53 लाख बरामद
डीग पुलिस ने ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली सोने की ईंट बेचने और साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। जुरहरा थाना पुलिस ने इस मामले में पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत पुलिस को मिली बड़ी सफलता
राजस्थान के डीग जिले में पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों को नकली सोने की ईंटें बेचने का लालच देकर ठगी करता था। जुरहरा थाना पुलिस द्वारा 'ऑपरेशन एंटीवायरस' के तहत की गई इस कार्रवाई में पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और विभिन्न राज्यों में लोगों को अपना शिकार बना रहा था।
पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जाल बिछाकर इन आरोपियों को धर दबोचा। इस गिरोह के पकड़े जाने से साइबर ठगी और धोखाधड़ी के कई मामलों के सुलझने की उम्मीद है। पुलिस अब इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
भारी मात्रा में नकदी और लग्जरी कार जब्त
पुलिस की छापेमारी में आरोपियों के पास से ठगी की बड़ी रकम बरामद हुई है। जांच के दौरान पुलिस ने 53 लाख 39 हजार 500 रुपये नकद जब्त किए हैं। इसके अलावा, ठगी के पैसों से खरीदी गई एक लग्जरी कार भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है। यह इस बात का प्रमाण है कि गिरोह ने ठगी के जरिए काफी संपत्ति अर्जित कर ली थी।
बरामदगी में नकदी और कार के अलावा पुलिस को एक पीतल की ईंट, एक छेनी, पांच एंड्रॉइड मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड और 10 एटीएम कार्ड मिले हैं। ये उपकरण इस बात की पुष्टि करते हैं कि आरोपी सुनियोजित तरीके से लोगों को फंसाने के लिए तकनीकी साधनों का इस्तेमाल कर रहे थे।
ठगी का तरीका और गिरोह का कार्यक्षेत्र
पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को सस्ते दाम में सोने की ईंट उपलब्ध कराने का प्रलोभन देते थे। शुरुआत में वे फोन या अन्य माध्यमों से संपर्क कर ग्राहकों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद, वे पीतल की ईंट को असली सोने की ईंट बताकर उसका सैंपल दिखाते थे, ताकि ग्राहक को कोई संदेह न हो।
एक बार जब ग्राहक झांसे में आ जाता था, तो गिरोह के सदस्य उससे बड़ी रकम ऐंठ लेते थे। गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिकाएं निभाते थे, जिसमें फोन पर बात करने वाले से लेकर दूर-दराज के इलाकों में जाकर सैंपल दिखाने वाले सदस्य तक शामिल थे। यह गिरोह केवल राजस्थान तक सीमित नहीं था, बल्कि हरियाणा, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी सक्रिय था।
आगे की कानूनी कार्रवाई
पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने अब तक कुल कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हुए हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस साइबर और संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा दिए जा रहे सस्ते सोने या अन्य लुभावने ऑफर्स के झांसे में न आएं और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!