राजस्थान शिक्षा विभाग का नया प्रयोग: 14 अफसरों को मिली मनचाही पोस्टिंग, आदेश में जोड़ा गया 'डिजायर' कॉलम

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

शिक्षा विभाग की तबादला नीति में बड़ा बदलाव
राजस्थान के शिक्षा विभाग में प्रशासनिक अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर एक नई प्रक्रिया शुरू की गई है। हाल ही में जारी की गई 14 प्रशासनिक और अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारियों की तबादला सूची में विभाग ने एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पहली बार स्थानांतरण आदेश में 'इच्छित पोस्टिंग' (डिजायर प्लेस) का एक नया कॉलम जोड़ा गया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस नई व्यवस्था के तहत, अधिकारियों के वर्तमान पदस्थापन के साथ-साथ उनके द्वारा मांगे गए स्थान का विवरण भी सार्वजनिक किया गया है। यह कदम पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उठाया गया बताया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट रहे कि किस अधिकारी को उनकी पसंद के स्थान पर नियुक्त किया गया है।
पसंदीदा जिलों में मिली तैनाती
जारी की गई सूची के अनुसार, इन 14 अधिकारियों को उनके द्वारा मांगे गए जिलों, ब्लॉक या विशिष्ट कार्यालयों में ही पदस्थापित किया गया है। आंकड़ों पर गौर करें तो जयपुर, अजमेर, सीकर, चूरू और श्रीगंगानगर जैसे जिले इन अधिकारियों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। विभाग ने आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया है कि इन अधिकारियों का स्थानांतरण उनकी डिजायर के अनुरूप ही किया गया है।
प्रशासनिक गलियारों में इस बदलाव को एक नए प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है। आमतौर पर तबादला सूचियों में केवल वर्तमान और नवीन पदस्थापन का उल्लेख होता है, लेकिन इस बार 'डिजायर' कॉलम जोड़कर विभाग ने एक नई परिपाटी शुरू की है। हालांकि, यह प्रक्रिया फिलहाल केवल इन 14 अधिकारियों तक ही सीमित रखी गई है।
कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश
विभाग द्वारा जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त होकर नवीन पदस्थापन स्थल पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि अधिकारियों को कार्यमुक्ति और कार्यग्रहण की सूचना निर्धारित समय सीमा के भीतर विभाग को अनिवार्य रूप से देनी होगी।
इस प्रक्रिया के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भविष्य में होने वाले अन्य तबादलों में भी इसी तरह की पारदर्शी व्यवस्था अपनाई जाएगी या यह केवल एक विशेष मामले तक सीमित रहेगा। फिलहाल, शिक्षा विभाग के इस निर्णय ने प्रशासनिक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यदि इस व्यवस्था को पूरी तरह से लागू किया जाता है, तो इससे तबादलों में होने वाली सिफारिशों और दबाव की स्थिति में कमी आ सकती है। हालांकि, इसे लेकर अभी तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक नीतिगत घोषणा नहीं की गई है।
फिलहाल, संबंधित अधिकारी अपने नए कार्यस्थलों पर ज्वाइनिंग की प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं। विभाग की ओर से जारी यह सूची अब प्रशासनिक हलकों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है, क्योंकि पहली बार किसी सरकारी आदेश में 'इच्छित पोस्टिंग' को आधिकारिक तौर पर दर्ज किया गया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
