राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 आईएएस और 53 आरएएस अधिकारियों का तबादला
राज्य सरकार ने देर रात प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 26 आईएएस और 53 आरएएस अफसरों के तबादले किए हैं। 14 र्अेनी आईएएसस अफसरों को अलग अलग जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में ओएसडी के पद पर पोस्टिंग दी गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजस्थान सरकार ने राज्य में प्रशासनिक ढांचे को दुरुस्त करने के उद्देश्य से देर रात एक बड़ा फेरबदल किया है। इस आदेश के तहत 26 आईएएस और 53 आरएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। राज्य में होने वाले आगामी निकाय चुनावों की घोषणा और आचार संहिता लागू होने की संभावनाओं के बीच यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चुनाव से पहले प्रशासनिक तैयारी
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुपालन में उन अधिकारियों को स्थानांतरित किया गया है जो एक ही स्थान पर तीन साल या उससे अधिक समय से तैनात थे। कार्मिक विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानांतरित आरएएस अधिकारियों को तुरंत कार्यमुक्त करें। साथ ही, अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी पर तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इस फेरबदल में 14 प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को विभिन्न जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में ओएसडी के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, छह ऐसे आईएएस अधिकारी जो एपीओ (प्रतीक्षारत) चल रहे थे, उन्हें भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें ललित गोयल को पीडब्ल्यूडी में संयुक्त सचिव और सक्षम गोयल को जलदाय विभाग में संयुक्त सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद दिए गए हैं।
प्रमुख विभागों में बदलाव
कई विकास प्राधिकरणों और जिला परिषदों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त नित्या के को ऊर्जा विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है, जबकि जैसलमेर जिला परिषद की सीईओ रश्मि रानी को अजमेर विकास प्राधिकरण का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। इसी तरह, बीकानेर विकास प्राधिकरण में धायगुड़े स्नेह नाना को आयुक्त के पद पर जिम्मेदारी दी गई है।
शिक्षा और विश्वविद्यालय प्रशासन में भी फेरबदल हुआ है। कैलाश चंद शर्मा को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का सचिव नियुक्त किया गया है, जो कि लंबे समय से रिक्त था। वहीं, कालूराम को राजस्थान विश्वविद्यालय का नया रजिस्ट्रार बनाया गया है। दूसरी ओर, राजस्थान विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार आशु चौधरी सहित तीन आरएएस अधिकारियों को एपीओ किया गया है।
निकाय चुनाव और आचार संहिता का प्रभाव
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि निकाय चुनावों की आचार संहिता किसी भी समय लागू हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अधिकारियों की स्थिति स्पष्ट हो। पिछले सप्ताह भी आरएएस अधिकारियों की एक सूची जारी की गई थी, जिसके बाद अब यह व्यापक फेरबदल किया गया है।
इस तबादला सूची में आपदा प्रबंधन, पीडब्ल्यूडी, जलदाय विभाग और विभिन्न नगर निगमों के आयुक्तों के पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई तैनाती के आदेशों का पालन न करने वाले अधिकारियों को गंभीरता से लिया जाएगा। प्रशासनिक गलियारों में इस फेरबदल को चुनाव पूर्व तैयारियों के एक अहम हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
आने वाले दिनों में निकाय चुनावों की औपचारिक घोषणा के साथ ही राज्य में चुनावी सरगर्मियां तेज हो जाएंगी। फिलहाल, सभी स्थानांतरित अधिकारियों को अपनी नई पोस्टिंग पर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा न आए।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!