रायबरेली: जिला अस्पताल से अगवा नाबालिग 24 घंटे में बरामद, दो महिलाओं समेत तीन गिरफ्तार
Raebareli minor girl kidnapped from district hospital rescued within 24 hours. रायबरेली पुलिस ने मिलएरिया थाना क्षेत्र से अगवा की गई एक नाबालिग बालिका को 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में दो महिलाओं सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अस्पताल परिसर से गायब हुई थी नाबालिग
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला सामने आया था, जिसे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। मिलएरिया थाना क्षेत्र स्थित जिला अस्पताल से अगवा की गई 13 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो महिलाओं सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
घटना की शुरुआत 19 जुलाई 2026 को हुई, जब पीड़िता की नानी ने मिलएरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, उनकी 13 वर्षीय नातिन करीब 15-16 दिन पहले जिला अस्पताल में अपने बीमार भाई की देखभाल के लिए आई थी। इसी दौरान अस्पताल परिसर से उसे बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया गया। पीड़िता के परिजनों ने सेवी उर्फ फूलजहाँ और आरती सिंह पर अपहरण का संदेह जताया था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बरामदगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने मुखबिरों के जाल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। 20 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली कि नाबालिग को नई बस्ती देवानन्दपुर इलाके में छिपाकर रखा गया है। पुलिस ने तुरंत दबिश दी और किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया।
बरामदगी के समय मौके से दो महिला आरोपियों, आरती सिंह (पत्नी स्व. हृदयेश सिंह) और सेवी उर्फ फूलजहाँ (पत्नी मुमताज) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि इन महिलाओं ने नाबालिग को अवैध रूप से अपने संरक्षण में छिपा रखा था।
मुख्य आरोपी तौसीफ अहमद गिरफ्तार
जांच के दौरान इस पूरे मामले के मुख्य सूत्रधार तौसीफ अहमद उर्फ गुड्डू का नाम सामने आया। पुलिस ने जाल बिछाकर उसे रतापुर चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। तौसीफ मूल रूप से बाराबंकी के जैदपुर का रहने वाला है और वर्तमान में अमेठी के जायस इलाके में रह रहा था।
पुलिस ने मुख्य आरोपी तौसीफ अहमद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाया था। फिलहाल, तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा का संदेश
इस घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह का कोई और भी सदस्य है जो इस तरह की वारदातों में शामिल हो सकता है। पीड़िता के बयान दर्ज करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है।
रायबरेली पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों में पुलिस पूरी तरह सतर्क है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मामले की विवेचना अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
