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PWD इंजीनियर के ठिकानों पर EOW का बड़ा छापा: आय से 200 गुना अधिक 11 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

बालाघाट पीडब्ल्युडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कमल किशोर सिंगारे के पास से EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) को जांच में 11 करोड़ रुपए की संपत्ति मिली है। यह संपत्ति उनकी आय से करीब 200 गुना अधिक है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

4 सितंबर 20263 मिनट पढ़ें
PWD इंजीनियर के ठिकानों पर EOW का बड़ा छापा: आय से 200 गुना अधिक 11 करोड़ की संपत्ति का खुलासा
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तीन शहरों में एक साथ कार्रवाई

मध्य प्रदेश के बालाघाट में लोक निर्माण विभाग (PWD) की पीआईयू शाखा में पदस्थ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर कमल किशोर सिंगारे के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और पद का दुरुपयोग करने के आरोपों के चलते EOW की टीमों ने गुरुवार सुबह एक साथ बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल स्थित उनके ठिकानों पर दबिश दी। जांच में अब तक करीब 11 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला है, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 200 गुना अधिक बताई जा रही है।

EOW जबलपुर की टीम ने गुरुवार सुबह 6 बजे बालाघाट स्थित सरकारी आवास पर छापेमारी की। शुरुआती तलाशी में टीम को ढाई लाख रुपये नकद और 25 लाख रुपये की एक लग्जरी गाड़ी बरामद हुई। इस कार्रवाई के दौरान इंजीनियर के छिंदवाड़ा और भोपाल स्थित आवासों पर भी दस्तावेजों और संपत्तियों की गहन जांच की गई। EOW के अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले के बाद की गई है।

छिंदवाड़ा और भोपाल में करोड़ों की संपत्ति का जखीरा

जांच का दायरा बढ़ने पर छिंदवाड़ा में इंजीनियर और उनके रिश्तेदारों के नाम पर भारी संपत्ति का खुलासा हुआ। वहां से 3 करोड़ रुपये की जमीन और मकान, 1.50 करोड़ रुपये का शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, 52 लाख रुपये के सोने के गहने और 1 करोड़ रुपये से अधिक का घरेलू सामान मिला है। इसके अलावा, वहां मौजूद एक फार्म हाउस पर भी करोड़ों का निवेश पाया गया, जिसमें स्विमिंग पूल जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। खेती के लिए उपयोग किए जाने वाले महंगे ट्रैक्टर और अन्य उपकरण भी टीम ने जब्त किए हैं।

भोपाल स्थित आवास पर भी टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। वहां से 2 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति और लाखों रुपये का घरेलू सामान मिला है। EOW की टीम ने सिंगारे और उनके परिवार के नाम पर संचालित 12 बैंक खातों को भी चिन्हित किया है। इन खातों में जमा राशि और लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि अवैध कमाई के अन्य स्रोतों का पता लगाया जा सके।

आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई

EOW डीएसपी मंजीत सिंह ने बताया कि फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है। टीम अभी भी कई बैंक लॉकरों और अन्य संदिग्ध संपत्तियों की पड़ताल कर रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ने की पूरी संभावना है। इंजीनियर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

यह मामला सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की एक बड़ी मिसाल बनकर सामने आया है। एक लोक सेवक द्वारा अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से इतनी अधिक संपत्ति अर्जित करना गंभीर सवाल खड़े करता है। EOW अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस अकूत संपत्ति को बनाने में किन-किन लोगों ने मदद की और क्या इसमें किसी अन्य विभाग के अधिकारियों की भी संलिप्तता है।

आने वाले दिनों में EOW की टीम इंजीनियर और उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ करेगी। जब्त किए गए दस्तावेजों और बैंक खातों की फॉरेंसिक ऑडिट भी कराई जा सकती है। फिलहाल, इस कार्रवाई ने पूरे विभाग में हड़कंप मचा दिया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इसे एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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