ब्रेकिंग
करौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शवजोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: इलाज के दौरान दूसरे फायर फाइटर ने तोड़ा दम, एक की हालत अब भी नाजुकसागर: आदतन अपराधी मुलायम यादव पर जिला प्रशासन का कड़ा एक्शन, छह महीने के लिए किया जिलाबदरलखनऊ: दुबग्गा में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, ममेरा भाई गिरफ्तारबीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकटपानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
करौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शवजोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: इलाज के दौरान दूसरे फायर फाइटर ने तोड़ा दम, एक की हालत अब भी नाजुकसागर: आदतन अपराधी मुलायम यादव पर जिला प्रशासन का कड़ा एक्शन, छह महीने के लिए किया जिलाबदरलखनऊ: दुबग्गा में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, ममेरा भाई गिरफ्तारबीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकटपानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

पूर्णिया गोलीकांड: मुख्य आरोपी ऋषभ सिंह ने किया आत्मसमर्पण, 6 साथी भी गिरफ्तार

पूर्णिया के डीआईजी चौक पर गोलीकांड मामले में मुख्य आरोपी ऋषभ सिंह ने पुलिस के दबाव के कारण न्यायालय में सरेंडर कर दिया है। वहीं, घटना को अंजाम देने और आरोपियों को भगाने में मदद करने वाले उसके 6 सहयोगियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जो किशनगंज के रास्ते फरार होने वाले थे।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

21 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
पूर्णिया गोलीकांड: मुख्य आरोपी ऋषभ सिंह ने किया आत्मसमर्पण, 6 साथी भी गिरफ्तार
मूल स्रोत

डीआईजी चौक फायरिंग मामले में पुलिस को बड़ी सफलता

पूर्णिया के अति संवेदनशील डीआईजी चौक इलाके में हुई गोलीबारी की घटना के मुख्य आरोपी ऋषभ सिंह ने अंततः पुलिस के बढ़ते दबाव के आगे घुटने टेक दिए हैं। आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने घटना को अंजाम देने और आरोपी को फरार होने में मदद करने वाले उसके छह अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी आरोपी किशनगंज के रास्ते भागने की फिराक में थे, जिन्हें पुलिस ने समय रहते दबोच लिया।

पुलिस ने इस पूरे मामले की कड़ियाँ जोड़ने के लिए घटनास्थल पर क्राइम सीन रिक्रिएट किया। सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाया गया। इस दौरान मुख्य आरोपी ऋषभ सिंह ने पुलिस को विस्तार से बताया कि उसने किस तरह से तीन राउंड फायरिंग की थी और घटना के बाद वह अपने साथी आयुष के साथ किस रास्ते से फरार हुआ था।

सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से हुई पहचान

घटना 16 अगस्त की रात करीब 8 बजे की है, जब डीएम और एसएसपी आवास के समीप स्थित डीआईजी चौक पर अचानक हुई फायरिंग से हड़कंप मच गया था। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। तकनीकी अनुसंधान और सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच के बाद महज आधे घंटे के भीतर मुख्य आरोपी ऋषभ सिंह की पहचान कर ली गई। ऋषभ उसी इलाके का निवासी बताया जा रहा है।

एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन के अनुसार, घटना के बाद ऋषभ और उसका साथी आयुष बाइक से मालदा और कोलकाता तक भाग गए थे। हालांकि, पुलिस की लगातार छापेमारी और दबिश के कारण वे ज्यादा दिन तक छिप नहीं सके। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल देसी कट्टा, लाल रंग की अपाचे बाइक और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

खौफ पैदा करने के लिए रची गई साजिश

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए सभी छह आरोपी 20 से 26 वर्ष की आयु के युवा हैं। पूछताछ के दौरान पता चला कि इनका कोई बड़ा संगठित आपराधिक गिरोह नहीं है, बल्कि ये सभी डीआईजी चौक के पास एक चाय की दुकान पर अक्सर जमा होते थे। एसएसपी ने बताया कि इन युवकों ने शहर में अपना 'खौफ' और 'नाम' बनाने के लिए वीआईपी इलाके में फायरिंग की थी ताकि वे अपनी गुंडागर्दी का प्रदर्शन कर सकें।

मुख्य आरोपी ऋषभ के अलावा गिरफ्तार अन्य सहयोगियों में शुभम कुमार सिंह उर्फ छोटू, निखिल कुमार, शुभम आनंद, अमित सागर और रंजीत कुमार साह शामिल हैं। इन पर हथियार छिपाने और मुख्य आरोपी को भागने में सहायता करने का आरोप है। पुलिस को इनके सोशल मीडिया संपर्कों में पहले से जेल जा चुके अपराधी श्याम यादव का नाम भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है।

आगे की कार्रवाई

क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान आरोपियों ने घटना के हर पहलू को स्पष्ट किया है, जिससे पुलिस को मजबूत केस तैयार करने में मदद मिलेगी। पुलिस अब इन सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई और मास्टरमाइंड तो नहीं था। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें