पुरी में बहुडा यात्रा का भव्य आयोजन, भगवान जगन्नाथ की वापसी पर उमड़ा जनसैलाब
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Gameskraft से जुड़े मामले में 1,906 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच करने की जानकारी दी। एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने ऐसा लत लगाने वाला गेमिंग माहौल बनाया, जिससे खिलाड़ी बार-बार दांव लगाते रहे और कंपनी ने इससे बड़ी रकम कमाई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पुरी में भगवान जगन्नाथ की वापसी यात्रा शुरू
ओडिशा के पुरी में शुक्रवार को बहुडा यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर में वापसी हुई। एक सप्ताह तक गुंडिचा मंदिर में प्रवास के बाद, तीनों देव अपने मुख्य धाम की ओर प्रस्थान कर गए। इस दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु पुरी की सड़कों पर उमड़ पड़े और भक्ति के माहौल में सराबोर हो गए।
यात्रा की शुरुआत पारंपरिक 'पहांडी' अनुष्ठान के साथ हुई, जिसमें देवताओं को गुंडिचा मंदिर से रथों तक लाया गया। इसके बाद पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव ने 'छेरा पहरा' की रस्म निभाई, जिसमें उन्होंने रथों की सफाई की। इस रस्म के बाद रथ खींचने की प्रक्रिया शुरू हुई। 'जय जगन्नाथ' और 'हरिबोल' के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो गया।
श्रद्धालुओं ने सबसे पहले भगवान बलभद्र के रथ 'तालध्वज' को खींचा, जिसके बाद देवी सुभद्रा का रथ 'दर्पदलन' और अंत में भगवान जगन्नाथ का रथ 'नंदीघोष' मुख्य मंदिर की ओर रवाना हुआ। यह यात्रा धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का एक अनूठा संगम मानी जाती है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से भक्त पुरी पहुंचते हैं।
गेम्सक्राफ्ट पर ईडी का बड़ा शिकंजा
एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कंपनी की 1,906 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। यह कार्रवाई 22 जुलाई को की गई थी, जिसकी जानकारी शुक्रवार को सार्वजनिक की गई।
जांच एजेंसी का आरोप है कि गेम्सक्राफ्ट ने एक ऐसा गेमिंग प्लेटफॉर्म तैयार किया था, जो उपयोगकर्ताओं को लत लगाने वाला था। कंपनी पर आरोप है कि उसने इस लत का फायदा उठाकर खिलाड़ियों को बार-बार दांव लगाने के लिए प्रेरित किया और अवैध रूप से भारी मुनाफा कमाया। इस कार्रवाई के दायरे में कंपनी के शेयरधारकों, उनके परिवार के सदस्यों और संबंधित संस्थाओं की संपत्तियां शामिल हैं।
ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड, इक्विटी शेयर और कन्वर्टिबल नोट्स शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी से जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद फार्महाउस और कई आवासीय व व्यावसायिक अचल संपत्तियों को भी अटैच किया गया है। यह कार्रवाई ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र में वित्तीय अनियमितताओं की चल रही जांच का हिस्सा है।
जांच का दायरा और आगामी कदम
प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में गहन जांच शुरू की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कंपनी ने किस प्रकार से नियमों का उल्लंघन किया और अवैध धन का प्रवाह कैसे हुआ। कंपनी के शेयरधारकों और उनसे जुड़े ट्रस्टों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई ऑनलाइन गेमिंग उद्योग में पारदर्शिता लाने के लिए एक कड़ा संदेश है।
आने वाले समय में ईडी इस मामले में और अधिक साक्ष्य जुटाने के लिए संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ कर सकती है। फिलहाल, कुर्क की गई संपत्तियों को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है। कंपनी की ओर से अभी तक इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन जांच एजेंसियों की सक्रियता ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!