जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का अनोखा तरीका: पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए चेहरे पर लगाई पीएम मोदी की तस्वीर
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने पुलिस की पिटाई से बचने के लिए अपने गाल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो वाला स्टीकर लगा लिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

फिल्म 'पीके' जैसा दृश्य
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अक्सर विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन होते रहते हैं, लेकिन हाल ही में वहां एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने पुलिस की सख्ती और संभावित पिटाई से बचने के लिए एक बेहद अजीबोगरीब तरीका अपनाया। उसने अपने गाल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाला एक स्टीकर चिपका लिया था।
यह घटना बॉलीवुड फिल्म 'पीके' की याद दिलाती है। फिल्म में मुख्य किरदार आमिर खान जब भी किसी मुसीबत में फंसते हैं या उन्हें कोई मारने की कोशिश करता है, तो वे अपने गाल पर अलग-अलग देवी-देवताओं की फोटो वाले स्टीकर लगा लेते थे ताकि सामने वाला व्यक्ति उन्हें नुकसान न पहुंचाए। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी ने बिल्कुल इसी तर्ज पर पीएम मोदी की फोटो का सहारा लिया।
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय
प्रदर्शनकारी की इस हरकत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि व्यक्ति ने अपने चेहरे पर प्रधानमंत्री की तस्वीर को इस तरह लगाया है कि वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिस बल के सामने यह व्यक्ति इसी अंदाज में मौजूद रहा।
लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या वास्तव में किसी राजनीतिक हस्ती की तस्वीर का इस्तेमाल सुरक्षा कवच के रूप में किया जा सकता है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अन्य लोग इस घटना को लेकर काफी हैरान दिखे।
प्रदर्शनों का बदलता स्वरूप
जंतर-मंतर पर अक्सर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। कभी लोग अनशन पर बैठते हैं, तो कभी अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराते हैं। हालांकि, इस बार का यह तरीका पूरी तरह से अलग और फिल्मी नजर आया। यह घटना दर्शाती है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोग अब किस हद तक अपनी सुरक्षा और ध्यान आकर्षित करने के लिए रचनात्मक तरीके अपना रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रदर्शन अक्सर वायरल होने के उद्देश्य से किए जाते हैं ताकि सोशल मीडिया के जरिए उनकी बात अधिक लोगों तक पहुंच सके। हालांकि, कानून व्यवस्था की दृष्टि से इस तरह के प्रदर्शनों पर पुलिस की नजर हमेशा बनी रहती है।
कानूनी और सुरक्षा पहलू
किसी भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस का मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था बनाए रखना होता है। ऐसे में किसी प्रदर्शनकारी द्वारा किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की फोटो का उपयोग करना एक प्रतीकात्मक विरोध हो सकता है। फिलहाल, इस मामले में किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या गिरफ्तारी की सूचना नहीं है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रशासन इस तरह के प्रदर्शनों के तरीकों पर कोई संज्ञान लेता है या नहीं। फिलहाल, जंतर-मंतर पर यह वीडियो चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोग इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
