नीट पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ उकलाना में सड़कों पर उतरे लोग, विधायक ने की कार्रवाई की मांग
Uklana MLA Naresh Selwal leads protest against NEE paper leak and student lathicharge. नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को उकलाना में कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र-छात्राओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने किसान विश्राम गृह से तहसील कार्यालय तक मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और राष्ट

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा के उकलाना में शुक्रवार को नीट परीक्षा में कथित धांधली, पेपर लीक और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में एक बड़ा प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया।
विरोध प्रदर्शन की शुरुआत किसान विश्राम गृह से हुई, जहां से एक पैदल मार्च निकाला गया। यह मार्च शहर के मुख्य बाजारों से होता हुआ तहसील कार्यालय तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान सरकार विरोधी नारेबाजी की और शिक्षा प्रणाली में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
विधायक ने बताया छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विधायक नरेश सेलवाल ने कहा कि देश के लाखों युवा वर्षों तक कड़ी मेहनत और भारी आर्थिक निवेश के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाएं न केवल छात्रों की मेहनत पर पानी फेरती हैं, बल्कि उनके भविष्य के साथ एक क्रूर मजाक भी हैं। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग की कड़ी निंदा की।
सेलवाल ने जोर देकर कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखना होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बहाल करने के लिए दोषियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
तहसील कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल की गई हैं, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और नीट पेपर लीक मामले की संसद में विस्तृत चर्चा शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग द्वारा कराई जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज किए गए मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं और उन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो जिन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश दिया था। साथ ही, पेपर लीक में शामिल माफियाओं और दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाने की अपील की गई है।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग
प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से सुधार किए जाएं। उन्होंने परीक्षा शुल्क समाप्त करने और प्रभावित छात्रों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के दोबारा परीक्षा देने का अवसर प्रदान करने की भी पुरजोर मांग रखी।
अंत में, प्रदर्शनकारियों ने दोहराया कि एक निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली प्रत्येक विद्यार्थी का मौलिक अधिकार है। उन्होंने चेताया कि यदि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक वर्गों की सक्रिय भागीदारी रही।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
