12 लाख के कर्ज से बचने के लिए रची मौत की साजिश, गंगा पुल पर स्कूटी छोड़कर फरीदाबाद भागा युवक
Pratapgarh man fakes suicide on Ganga bridge to evade bank loan. प्रतापगढ़ पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। एक युवक ने 12 लाख रुपये के बैंक लोन और इंश्योरेंस क्लेम से बचने के लिए अपनी फर्जी आत्महत्या की साजिश रची।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कर्ज के बोझ से बचने के लिए बुना मौत का जाल
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में पुलिस ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। एक युवक ने बैंक के 12 लाख रुपये के कर्ज और बीमा राशि के लालच में अपनी ही मौत का नाटक रचा। आरोपी ने गंगा पुल पर अपनी स्कूटी, चप्पल और मोबाइल छोड़कर खुद के नदी में कूदने का भ्रम पैदा किया, ताकि पुलिस और परिवार को यकीन हो जाए कि उसने आत्महत्या कर ली है।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने गहन जांच के बाद आरोपी को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया। एएसपी संजय राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि आरोपी ने बड़ी चतुराई से अपनी गुमशुदगी की कहानी गढ़ी थी, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और सर्विलांस ने उसके झूठ का पर्दाफाश कर दिया।
गंगा पुल पर मिला संदिग्ध सामान
घटना की शुरुआत 20 जुलाई की रात को हुई, जब मानिकपुर थाना क्षेत्र के करेंटी गंगा पुल पर एक लावारिस स्कूटी बरामद हुई। स्कूटी के पास ही एक जोड़ी चप्पल और एक मोबाइल फोन मिला, जिसमें न तो सिम कार्ड था और न ही बैटरी। इन चीजों को वहां देखकर यह आशंका जताई गई कि किसी व्यक्ति ने गंगा में कूदकर अपनी जान दे दी है। पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए गोताखोरों, नाविकों और एनडीआरएफ की टीमों को बुलाकर गंगा नदी में व्यापक खोजबीन अभियान चलाया।
जांच में पता चला कि स्कूटी कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र के चकवान चौराहा निवासी मोहम्मद नदीम की है, जो इलेक्ट्रॉनिक का व्यापार करता है। शुरुआत में उसकी पत्नी नाजिया ने भी पुलिस के सामने यही दावा किया कि उसका पति गंगा में कूद गया है, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया।
पत्नी की पूछताछ से खुला राज
पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच शुरू की और पत्नी नाजिया से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने पूरी सच्चाई उगल दी। नाजिया ने बताया कि नदीम ने अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए बैंक से 12 लाख रुपये का लोन लिया था। व्यापार में घाटा होने के कारण वह कर्ज चुकाने में असमर्थ था। इसी आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने और बीमा क्लेम की राशि हड़पने के लिए उसने खुद के मरने का नाटक करने की साजिश रची थी।
पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि इस साजिश में विजय पटेल नाम का एक व्यक्ति भी शामिल था। विजय ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने नदीम को प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली बस में बैठाया था, ताकि वह वहां से भाग सके। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से नदीम की लोकेशन ट्रेस की, जो फरीदाबाद में पाई गई।
कानूनी कार्रवाई और भविष्य की स्थिति
मानिकपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने फरीदाबाद पहुंचकर आरोपी नदीम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। आरोपी ने न केवल पुलिस और प्रशासन का समय बर्बाद किया, बल्कि एनडीआरएफ और अन्य बचाव दलों को भी अनावश्यक जोखिम में डाला।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध चाहे कितनी भी चतुराई से क्यों न किया जाए, कानून के हाथ लंबे होते हैं और सच्चाई सामने आ ही जाती है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
