पटना में NEET पेपर लीक विवाद: प्रदर्शन की आहट के बीच पुलिस का फ्लैग मार्च, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पेपर लीक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पटना में शुक्रवार को पुलिस हाई अलर्ट पर है। पटना के शहरी इलाके में आज छात्रों के प्रदर्शन और सुरक्षा के मद्दे नजर फ्लैग मार्च निकाला गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पटना की सड़कों पर पुलिस का शक्ति प्रदर्शन
नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पटना में तनाव का माहौल है। छात्रों के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए शुक्रवार को पटना पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों ने शहर के प्रमुख इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला।
गांधी मैदान से शुरू हुआ यह फ्लैग मार्च कारगिल चौक, अशोक राजपथ, बीएन कॉलेज, पटना यूनिवर्सिटी और कदमकुआं जैसे संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरा। इस मार्च में पटना डीएम और एसएसपी के साथ-साथ वेस्ट, ईस्ट और सेंट्रल एसपी सहित भारी संख्या में पुलिस बल शामिल रहा। करीब 50 गाड़ियों के काफिले के साथ निकले पुलिस अधिकारियों ने शहर की स्थिति का जायजा लिया।
असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने स्पष्ट किया है कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी है और आपत्तिजनक कंटेंट फैलाने वालों की पहचान की जा रही है।
एसएसपी ने बताया कि अब तक 140 से अधिक संदिग्धों की तस्वीरें जारी की गई हैं और आम जनता से भी इन लोगों की पहचान में सहयोग की अपील की गई है। शहर के प्रमुख चौराहों जैसे डाक बंगला, जेपी गोलंबर और इनकम टैक्स चौराहे पर भारी पुलिस बल के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों (CISF, BSF, SSB, CRPF) की तैनाती भी की गई है।
छात्र संगठनों का विरोध और आगामी चुनौतियां
छात्र संगठन आइसा (AISA) ने 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है, जिसके चलते राज्य भर में पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इससे पहले 22 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान डाकबंगला चौराहे पर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी, जहां छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। उस दौरान पथराव और लाठीचार्ज जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं, जिसके बाद से प्रशासन कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे। वहीं, प्रशासन ने विधानसभा और रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के नाम पर किसी भी प्रकार की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासन की रणनीति
पटना के जेपी गोलंबर पर वाटर कैनन के साथ 200 जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस की रणनीति स्पष्ट है कि किसी भी हाल में भीड़ को अनियंत्रित नहीं होने दिया जाए। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और शाम को संयुक्त ब्रीफिंग के जरिए आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
आने वाले दिनों में बिहार बंद के आह्वान को देखते हुए पटना सहित राज्य के अन्य जिलों में भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने छात्रों और नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!