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पटना में साइबर अपराध पर लगाम की तैयारी: हर थाने में खुलेगी हेल्प डेस्क, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

19 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
पटना में साइबर अपराध पर लगाम की तैयारी: हर थाने में खुलेगी हेल्प डेस्क, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
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राजधानी पटना में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शहर में साइबर ठगी की घटनाओं में हो रही बेतहाशा वृद्धि पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने पुलिस और आईटी सेल के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नई कार्ययोजना तैयार की गई है।

हर थाने में होगी साइबर हेल्प डेस्क

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना है। इसके साथ ही, जिलास्तरीय बैंकिंग समन्वय समिति की बैठकों में डिजिटल अरेस्ट, बैंक फ्रॉड और साइबर अपराध से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर एजेंडे में शामिल किया जाएगा ताकि वित्तीय संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।

प्रशासन ने अब हर मंगलवार को 'साइबर मंगलवार' के रूप में मनाने का फैसला किया है। इस दिन विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, जिसमें लोगों को डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के तरीके सिखाए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से आम जनता को वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।

तीन साल में 46 हजार से अधिक मामले

आंकड़ों के अनुसार, पटना साइबर ठगी का एक बड़ा हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। पिछले तीन वर्षों में यहां साइबर ठगी की 46,527 शिकायतें दर्ज की गई हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि पटना में औसतन हर दिन 50 से अधिक लोग साइबर अपराधियों का शिकार हो रहे हैं। जिलाधिकारी ने थानाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में सिम कार्ड बेचने वालों पर कड़ी नजर रखें और नई तकनीक का उपयोग कर अपराधियों की पहचान सुनिश्चित करें।

बिहार राज्य के समग्र आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति और भी गंभीर है। वर्ष 2023 से 2025 के बीच राज्यभर में कुल 2,86,904 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हुई हैं। वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 56,581 था, जो 2025 तक बढ़कर 1,32,966 पर पहुंच गया। पटना के अलावा मुजफ्फरपुर और गया साइबर अपराध से सबसे अधिक प्रभावित जिले बनकर उभरे हैं।

जन-जागरूकता और भविष्य की रणनीति

साइबर सेल द्वारा व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की योजना है। इसके पहले चरण में स्कूलों और कॉलेजों को शामिल किया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी को साइबर सुरक्षा के प्रति शिक्षित किया जा सके। इसके बाद सार्वजनिक स्थानों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि बच्चों के माध्यम से घर-घर तक साइबर सुरक्षा का संदेश आसानी से पहुंचाया जा सकता है।

जिला प्रशासन की योजना के तहत गली-मोहल्लों में सिम कार्ड बेचने वाले विक्रेताओं की भी जांच की जाएगी। प्रशासन का यह कदम साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतें और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए तत्पर रहें।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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