पन्ना में बाइक की डिग्गी से 2 लाख पार करने वाले शातिर गिरफ्तार, शहडोल से पुलिस ने दबोचा
पन्ना पुलिस ने बैंक से पैसे निकालने वाले लोगों को निशाना बनाने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को आरोपियों के पास से 30 हजार रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें मिली हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बैंक ग्राहकों को बनाते थे निशाना
पन्ना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले लोगों को अपना शिकार बनाता था। यह गिरोह बेहद शातिराना अंदाज में बैंक के बाहर रेकी करता था और मौका मिलते ही मोटरसाइकिल की डिग्गी या बैग से नकदी उड़ाकर फरार हो जाता था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
घटनाक्रम का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से 30 हजार रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पकड़े गए आरोपी लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
19 मई को हुई थी बड़ी चोरी
यह मामला 19 मई का है, जब मोहनपुरवा निवासी रामसिपाही पटेल ने पन्ना स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से 2,24,000 रुपए की राशि निकाली थी। पीड़ित ने यह रकम अपनी मोटरसाइकिल की डिग्गी में सुरक्षित रखी थी। इसके बाद वे कटरा मोहल्ला स्थित सेंट्रल बैंक के पास अपना वाहन खड़ा करके किसी काम से चले गए।
इसी दौरान घात लगाए बैठे चोरों ने मोटरसाइकिल की डिग्गी का लॉक तोड़कर पूरी रकम पार कर दी। जब पीड़ित वापस लौटा तो उसे चोरी का पता चला। उसने तुरंत कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की।
500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की ली गई मदद
मामले की जांच के लिए कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने पन्ना शहर में लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को सुराग मिला, जिसके आधार पर 29 जुलाई को शहडोल जिले के व्योहारी क्षेत्र में दबिश दी गई।
पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों जित्तू सिंह कंजर उर्फ जितेंद्र (40 वर्ष) और लिदहा उर्फ अरुण सिंह कंजर (35 वर्ष) को गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी मूल रूप से सीधी जिले के निवासी हैं और शहडोल में छिपकर रह रहे थे।
अन्य वारदातों के खुलासे की उम्मीद
एएसपी वंदना सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ये आरोपी अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर गिरोह के रूप में काम करते थे। ये लोग बैंक के बाहर खड़े होकर रेकी करते थे और जैसे ही कोई ग्राहक बड़ी रकम लेकर निकलता, वे उसका पीछा करते थे। मौका मिलते ही वे डिग्गी या बैग से पैसे उड़ाकर फरार हो जाते थे।
पुलिस को उम्मीद है कि इन आरोपियों से पूछताछ के बाद अन्य जिलों में हुई इसी तरह की कई वारदातों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!