पानीपत: लकड़ी ठेकेदार के अपहरण मामले में सातवां आरोपी गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस की वर्दी पहनकर दिया था वारदात को अंजाम
Panipat timber contractor kidnapping case accused arrested by police. पानीपत जिले में पुलिस ने लकड़ी ठेकेदार दिलावर के अपहरण मामले में फरार चल रहे 7वें आरोपी अनुज उर्फ काला को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार देर शाम सिवाह बाईपास से पकड़ा गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सिवाह बाईपास से पुलिस ने दबोचा आरोपी
पानीपत जिले में लकड़ी ठेकेदार के अपहरण के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीआईए-2 की टीम ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल सातवें आरोपी अनुज उर्फ काला को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी काफी समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। शनिवार देर शाम गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे सिवाह बाईपास के पास से धर दबोचा।
पकड़े गए आरोपी को रविवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य की संलिप्तता की जांच अभी भी जारी है।
क्या था पूरा मामला और कैसे दिया वारदात को अंजाम
घटना 9 जुलाई की रात की है, जब थिराना निवासी लकड़ी ठेकेदार दिलावर (35) गांव के अड्डे पर मौजूद था। इसी दौरान एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर आए बदमाशों ने उसे जबरन गाड़ी में खींच लिया और मौके से फरार हो गए। पीड़ित के पिता राजेंद्र की शिकायत पर मतलौडा थाने में मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पुलिस का खौफ पैदा करने के लिए एक बेहद शातिर तरीका अपनाया था। मुख्य आरोपी मनोज ने अपने रिटायर्ड पिता की दिल्ली पुलिस की सब-इंस्पेक्टर की वर्दी पहनी हुई थी, ताकि किसी को उन पर शक न हो। इसी वर्दी का इस्तेमाल कर उन्होंने ठेकेदार को पुलिस कार्रवाई का झांसा देकर अगवा किया था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बची जान
वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर सीआईए-2 की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से सोनीपत के श्याम नगर में छापेमारी की। पुलिस ने वहां से अपहृत ठेकेदार दिलावर को सकुशल बरामद कर लिया था। उस समय मौके से ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिनमें रोहित, मनोज, नीरज, सूरज, अनुज उर्फ छोटू और जतिन शामिल थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी और दिल्ली पुलिस की वह वर्दी भी बरामद कर ली थी, जिसका उपयोग अपहरण के दौरान किया गया था। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया था।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
पुलिस का कहना है कि अनुज उर्फ काला की गिरफ्तारी से इस पूरे नेटवर्क के बारे में और अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है। इसराना निवासी अनुज इस पूरी साजिश का अहम हिस्सा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार किसी अन्य आपराधिक गतिविधियों से भी जुड़े हैं।
फिलहाल, पकड़े गए सभी सात आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और यदि कोई अन्य व्यक्ति भी इस साजिश में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
