पानीपत: जमीन की निशानदेही के बदले 15 हजार की रिश्वत लेते पटवारी और हेल्पर गिरफ्तार
Panipat ACB trap catches Patwari and assistant taking bribe for land marking. पानीपत में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को मतलौडा तहसील में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी और उसके निजी सहायक (हेल्पर) को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह पूरा मामला 160 वर्गगज के एक मकान की निशानदेही कराने से जुड़ा हुआ था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मतलौडा तहसील में एसीबी की बड़ी कार्रवाई
हरियाणा के पानीपत जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मतलौडा तहसील में तैनात एक पटवारी और उसके निजी सहायक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब आरोपी एक जमीन की निशानदेही के बदले शिकायतकर्ता से अवैध वसूली कर रहे थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पटवारी संदीप और उसके सहयोगी जयभगवान के रूप में हुई है। एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर दोनों को 15 हजार रुपये की रिश्वत राशि के साथ दबोचा। इस घटना के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और अन्य कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।
जमीन विवाद और रिश्वत का खेल
पूरा मामला एक 160 वर्गगज के मकान से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी जमीन के एक बड़े हिस्से पर किसी अन्य पक्ष का कब्जा था। अपनी जमीन की वास्तविक सीमा और हक सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने प्रशासन से निशानदेही की मांग की थी। हालांकि, पटवारी संदीप और उसका सहायक जयभगवान इस काम को करने के बदले लगातार 15,000 रुपये की मांग कर रहे थे।
पीड़ित व्यक्ति लंबे समय से तहसील के चक्कर काट रहा था, लेकिन आरोपी अधिकारी रिश्वत न मिलने के कारण फाइल को लटकाए हुए थे। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब काम नहीं हुआ, तो पीड़ित ने परेशान होकर एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
एसीबी का ट्रैप और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष योजना बनाई। टीम ने शिकायतकर्ता को पाउडर लगे नोट दिए और उसे मतलौडा तहसील भेजा। जैसे ही शिकायतकर्ता ने पटवारी और उसके हेल्पर को रिश्वत की राशि सौंपी, वहां पहले से सादे कपड़ों में तैनात एसीबी के अधिकारियों ने तुरंत दबिश दी।
मौके पर ही दोनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया और रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई। एसीबी के इंस्पेक्टर ऋषिपाल ने बताया कि प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर तहसील स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों ने एसीबी की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कसी जाएगी ताकि आम जनता को सरकारी दफ्तरों में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
