पानीपत फायरिंग मामला: नाबालिग ने BJP नेता पर लगाया गोली मारने का आरोप, समझौते के लिए 7 लाख के ऑफर का दावा
हरियाणा के पानीपत में एक नाबालिग ने BJP नेता पर फायरिंग कर गोली मारने का आरोप लगाया है। डॉक्टरों का कहना है कि गोली अभी भी प्रिंस के पेट में ही है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

पानीपत में फायरिंग से सनसनी, नाबालिग ने लगाए गंभीर आरोप
हरियाणा के पानीपत में एक नाबालिग के गोली लगने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घायल नाबालिग प्रिंस ने आरोप लगाया है कि उसे गोली किसी और ने नहीं, बल्कि बीजेपी नेता के जेठ लखन पांचाल ने चलाई है। फिलहाल प्रिंस का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टरों ने बताया है कि गोली अभी भी उसके पेट में फंसी हुई है और परिवार की सहमति मिलने के बाद ही ऑपरेशन किया जाएगा।
घटना के बारे में जानकारी देते हुए प्रिंस ने बताया कि वह कूड़ा बीनने का काम करता है। 2 सितंबर की रात जब वह काम से लौट रहा था, तब उसने देखा कि बीजेपी पार्षद कोमल पांचाल के घर के बाहर भारी भीड़ जमा है और वहां झगड़ा हो रहा है। प्रिंस के अनुसार, वह वहां रुककर तमाशा देख रहा था, तभी अचानक फायरिंग शुरू हो गई और एक गोली सीधे उसके पेट में जा लगी। उसने दावा किया कि लखन पांचाल ने छत पर चढ़कर कई राउंड फायरिंग की थी।
समझौते के लिए पैसों का ऑफर और पुलिस की भूमिका
इस मामले में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब घायल प्रिंस के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का दावा है कि तहसील कैंप थाने के जांच अधिकारी ASI धर्मराज ने अस्पताल पहुंचकर उन्हें बीजेपी नेता के परिवार की ओर से समझौते का प्रस्ताव दिया। परिवार का आरोप है कि उन्हें लखन पांचाल के खिलाफ बयान न देने के बदले इलाज का खर्च उठाने और 5 से 7 लाख रुपये देने का लालच दिया गया।
दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। SHO बंसीलाल ने स्पष्ट किया कि ASI धर्मराज पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस को लखन पांचाल और प्रिंस दोनों पक्षों से शिकायतें मिली हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या है बीजेपी नेता का पक्ष और पुरानी FIR का विवाद
यह विवाद 2 सितंबर की रात से शुरू हुआ था, जब बीजेपी पार्षद कोमल पांचाल के घर के बाहर हंगामा हुआ था। लखन पांचाल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि कुछ युवकों ने रास्ता रोककर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। लखन का दावा है कि हमलावरों ने उनके पिता ईशम सिंह के साथ भी मारपीट की और घर के बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। लखन के अनुसार, जान बचाने के लिए उन्हें घर के अंदर भागना पड़ा था।
इस पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी नेता लखन पांचाल का पक्ष जानने के लिए कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर उस रात वहां वास्तव में क्या हुआ था और गोली चलाने के लिए कौन जिम्मेदार है।
जांच की स्थिति और आगे की राह
वर्तमान में, प्रिंस की स्थिति स्थिर बनी हुई है लेकिन गोली शरीर के अंदर होने के कारण उसकी जान को खतरा बना हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि ऑपरेशन के लिए परिवार की सहमति अनिवार्य है। पुलिस ने कहा है कि जैसे ही डॉक्टर ऑपरेशन के लिए हरी झंडी देंगे, आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी। चूंकि मामला एक राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति और एक नाबालिग के बीच का है, इसलिए स्थानीय पुलिस पर दबाव भी अधिक है। अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच रिपोर्ट और उस पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!