पानीपत: विदेश से पार्सल आने का झांसा देकर युवक से 1.27 लाख की ठगी, फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर दिया वारदात को अंजाम
पानीपत में फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट और पार्सल क्लीयरेंस के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। अमेरिका से सामान का पार्सल आने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक युवक को डराया-धमकाया और उससे ₹1,27,000 ऐंठ लिए।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

विदेश से पार्सल के नाम पर जालसाजी
हरियाणा के पानीपत में साइबर ठगों ने एक बार फिर डिजिटल धोखाधड़ी का नया तरीका अपनाते हुए एक युवक को अपना शिकार बनाया है। खुद को कस्टम अधिकारी बताकर ठगों ने अमेरिका से आए पार्सल को क्लीयर कराने के नाम पर पीड़ित से 1.27 लाख रुपये की बड़ी रकम ऐंठ ली। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित ने ठगों की लगातार बढ़ती मांगों के बाद पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
पीड़ित अमित कुमार, जो जौरासी रोड स्थित करहंस का निवासी है, ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उसे अमेरिका से एक पार्सल मिलने वाला था। इस पार्सल में मोबाइल फोन, ज्वेलरी और अन्य कीमती सामान होने की जानकारी थी। पार्सल के आने की प्रक्रिया के दौरान ही कूरियर भेजने वाले व्यक्ति से उसका संपर्क अचानक टूट गया, जिसके बाद ठग सक्रिय हो गए।
कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर वसूले पैसे
संपर्क टूटने के कुछ समय बाद ही अमित के पास अनजान नंबरों से कॉल आने का सिलसिला शुरू हुआ। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि अमित के नाम पर आए पार्सल में अवैध और प्रतिबंधित सामान पाया गया है। ठग ने पीड़ित को कानूनी कार्रवाई, भारी जुर्माना और जेल भेजने की धमकी देकर मानसिक रूप से डरा दिया।
ठगों के चंगुल में फंसे अमित ने खुद को बचाने के लिए उनकी हर शर्त मान ली। आरोपियों ने पार्सल को क्लीयर करने और कानूनी झंझट से मुक्ति दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग खातों में कुल 1.27 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित ने डर के मारे बिना सोचे-समझे यह राशि ठगों के बताए गए बैंक खातों में जमा कर दी।
ठगी का अहसास और पुलिस की कार्रवाई
पैसे ट्रांसफर करने के बाद भी जब पार्सल नहीं मिला और ठगों ने और रुपयों की मांग जारी रखी, तब अमित को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। उसे समझ आ गया कि वह किसी कस्टम अधिकारी से नहीं, बल्कि साइबर अपराधियों से बात कर रहा था। इसके बाद उसने तुरंत पानीपत के साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान पुलिस उन मोबाइल नंबरों को ट्रैक कर रही है जिनसे पीड़ित को कॉल किए गए थे। साइबर सेल की टीम उन बैंक खातों की भी जांच कर रही है जिनमें पीड़ित ने पैसे ट्रांसफर किए थे, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी
यह मामला एक बार फिर स्पष्ट करता है कि साइबर अपराधी आम लोगों को डराने के लिए सरकारी अधिकारियों का नाम इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस ने आम जनता को सलाह दी है कि किसी भी अनजान कॉल पर विश्वास न करें और न ही किसी भी प्रकार की वित्तीय जानकारी या भुगतान साझा करें। यदि कोई व्यक्ति खुद को कस्टम या पुलिस अधिकारी बताकर डराता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!