पंचकूला: नाबालिग से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के दोषी को 20 साल की कैद, कोर्ट ने लगाया भारी जुर्माना
पंचकूला पुलिस को नाबालिग से रेप के मामले में न्याय दिलाने में सफलता मिली है। फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो कोर्ट ने एक आरोपी को दोषी ठहराया है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

पंचकूला पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
हरियाणा के पंचकूला जिले में नाबालिग के साथ दुष्कर्म और उसे ब्लैकमेल करने के एक गंभीर मामले में फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यदि दोषी जुर्माना भरने में विफल रहता है, तो उसे अतिरिक्त छह महीने की साधारण जेल काटनी होगी।
यह मामला कालका थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां वर्ष 2025 में एक नाबालिग लड़की ने अपने साथ हुई दरिंदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। कोर्ट का यह फैसला महिला सुरक्षा और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति न्यायपालिका की सख्ती को दर्शाता है।
क्या था पूरा मामला और कैसे मिली शिकायत
मामले की जानकारी देते हुए पंचकूला की डीसीपी आईपीएस अदिति सिंह ने बताया कि अप्रैल 2025 में 17 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि आरोपी ने पहले उससे दोस्ती की और फिर विश्वास का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने पीड़िता की निजी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था।
शिकायत प्राप्त होते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पीड़िता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने तुरंत उसका मेडिकल परीक्षण कराया और काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी की, ताकि पीड़िता को मानसिक संबल मिल सके।
वैज्ञानिक साक्ष्यों और मजबूत पैरवी से मिली सजा
पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटाने पर विशेष ध्यान दिया। जांच टीम ने घटना से जुड़े हर सबूत को बारीकी से एकत्र किया, जिससे अदालत में केस को मजबूती मिली। पुलिस की ओर से पेश किए गए ठोस सबूतों और प्रभावी पैरवी के कारण ही फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उसे सख्त सजा सुनाई।
पंचकूला पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में पुलिस की जीरो टॉलरेंस की नीति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और समयबद्ध तरीके से जांच पूरी कर उन्हें सजा दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अभिभावकों के लिए पुलिस की अपील
इस मामले के बाद पुलिस प्रशासन ने अभिभावकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। कमिश्नर पंकज नैन ने माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें। विशेष रूप से बच्चों के ऑनलाइन संपर्कों और सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर अभिभावकों को अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है ताकि वे किसी भी प्रकार के शोषण से बच सकें।
यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि समाज में ऐसे अपराधों के खिलाफ एक कड़ा संदेश भी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में भी इसी तरह से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!