पंचकूला में इलेक्ट्रिक स्कूटर शोरूम को लगा चूना: दो कर्मचारी चार गाड़ियां बेचकर नकदी लेकर हुए फरार
Panchkula electric scooter showroom theft case involving two absconding employees. शोरूम मालिक की शिकायत पर पुलिस ने जांच के बाद दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश के साथ चोरी हुए वाहन की बरामदगी में जुटी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

विश्वासघात का मामला: शोरूम कर्मचारियों ने की धोखाधड़ी
पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर शोरूम में बड़े स्तर पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शोरूम के मालिक ने अपने ही दो कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि ये कर्मचारी शोरूम से चार इलेक्ट्रिक स्कूटर बिना मालिक को जानकारी दिए बेचकर उनकी बिक्री की पूरी नकदी लेकर फरार हो गए हैं।
इस घटना ने शहर के व्यापारिक जगत में हड़कंप मचा दिया है। शोरूम मालिक सुरेंद्र कुमार, जो सेक्टर-7 के निवासी हैं, ने बताया कि उन्होंने इन कर्मचारियों पर भरोसा किया था, लेकिन उन्होंने उस भरोसे को तोड़कर शोरूम को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है।
कैसे दिया वारदात को अंजाम
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी कर्मचारियों की पहचान अश्वनी (निवासी VIP रोड, जीरकपुर) और युवराज (निवासी त्रिवेदी कैंप, मुबारकपुर) के रूप में हुई है। ये दोनों कर्मचारी काफी समय से शोरूम में कार्यरत थे, जिसके चलते मालिक का उन पर पूरा भरोसा था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उन्होंने चुपचाप चार इलेक्ट्रिक स्कूटर ग्राहकों को बेच दिए और प्राप्त हुई राशि को शोरूम के खाते में जमा करने के बजाय अपने पास रख लिया।
जब शोरूम मालिक ने बिक्री और स्टॉक का मिलान किया, तो उन्हें गड़बड़ी का पता चला। जांच करने पर सामने आया कि न तो स्कूटर शोरूम में मौजूद थे और न ही उनकी बिक्री का पैसा गल्ले में जमा हुआ था। जब मालिक ने कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो वे दोनों गायब मिले और उनका कोई अता-पता नहीं चला।
पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा
शोरूम मालिक सुरेंद्र कुमार ने पुलिस को उन दस्तावेजों की प्रतियां भी सौंपी हैं जो इन कर्मचारियों ने नौकरी पर रखते समय जमा कराए थे। पुलिस इन दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों के ठिकानों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। सेक्टर-20 थाना पुलिस ने धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मामले की जांच कर रहे पीएसआई विकास कुमार ने बताया कि पुलिस की प्राथमिकता न केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना है, बल्कि धोखाधड़ी से बेचे गए उन चार इलेक्ट्रिक स्कूटरों को बरामद करना भी है। पुलिस अब आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाल रही है ताकि उनके संभावित छिपने के ठिकानों तक पहुंचा जा सके।
व्यापारियों के लिए सबक
यह घटना छोटे और मध्यम स्तर के शोरूम मालिकों के लिए एक चेतावनी की तरह है। विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों का बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और समय-समय पर स्टॉक और ऑडिट करना बेहद जरूरी है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को हिरासत में ले लिया जाएगा और उनसे पूछताछ के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी कि क्या इस धोखाधड़ी में कोई और भी शामिल था।
फिलहाल, स्थानीय पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य स्रोतों से जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। शोरूम मालिक को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को पकड़कर उनकी संपत्ति की रिकवरी कराएगी। क्षेत्र में इस घटना के बाद से अन्य शोरूम संचालकों में भी सतर्कता बढ़ गई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
