पलवल: केजीपी-केएमपी एक्सप्रेस-वे पर अवैध ढाबों और शराब ठेकों का जाल, प्रशासन के आदेश बेअसर
पलवल जिले के केजीपी और केएमपी एक्सप्रेस-वे पर अवैध ढाबे और शराब के ठेके अब भी चल रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मामले का संज्ञान लिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

एक्सप्रेस-वे पर मौत का जाल: अवैध गतिविधियों से बढ़ रहा हादसों का खतरा
पलवल जिले से गुजरने वाले केजीपी (कुंडली-गाजियाबाद-पलवल) और केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेस-वे पर अवैध अतिक्रमण का मुद्दा एक बार फिर गंभीर हो गया है। हाईवे के किनारे धड़ल्ले से चल रहे अवैध ढाबों, शराब के ठेकों और सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण यहां सफर करना जानलेवा साबित हो रहा है। प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद इन अवैध गतिविधियों पर लगाम नहीं लग पा रही है।
हाल ही में हुई भीषण सड़क दुर्घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने इन अवैध ढाबों और शराब की दुकानों को हटाने के कड़े आदेश दिए थे। हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल विपरीत है। एक्सप्रेस-वे के किनारे आज भी अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां जारी हैं, जिससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि तेज रफ्तार वाहनों के लिए भी बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
NHAI की शिकायत के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अब कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया है। NHAI के मैनेजर उमेश कुमार शर्मा ने सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि बहरोला गांव के पास एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा दीवार को तोड़कर अवैध रूप से रास्ता बनाया गया है। इस रास्ते का उपयोग शराब के ठेके और ट्रक ढाबों तक पहुंचने के लिए किया जा रहा है।
शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि कई बार चेतावनी देने और अतिक्रमण हटाने के प्रयासों के बावजूद संचालक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। NHAI ने विशेष रूप से 'अमन ट्रक ढाबा' संचालक विजयपाल और शराब ठेका संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने इन शिकायतों के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी और हादसों का सिलसिला
पिछले कुछ दिनों में एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसों ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार दिनों में ही सड़क किनारे खड़े वाहनों से टकराने के कारण आठ लोगों की मौत हो चुकी है और 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। एक सितंबर को हुई एक दर्दनाक दुर्घटना में छह लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद डीसी जयेंद्र सिंह छिल्लर ने अवैध ढाबों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए थे।
बावजूद इसके, एक्सप्रेस-वे पर अवैध रूप से खड़े ट्रकों और बिरयानी बेचने वाले रेहड़ी-पटरी वालों का जमावड़ा कम नहीं हुआ है। कई जगहों पर एक्सप्रेस-वे की मुख्य लेन में ही भारी वाहन खड़े देखे जा सकते हैं, जो रात के समय बड़े हादसों का कारण बनते हैं।
कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति
NHAI के अधिकारियों का कहना है कि उनकी पेट्रोलिंग टीम लगातार इन क्षेत्रों की निगरानी करती है, लेकिन कार्रवाई के दौरान ये अवैध संचालक अस्थायी रूप से अपनी दुकानें बंद कर लेते हैं। जैसे ही प्रशासन की टीम वहां से हटती है, ये गतिविधियां फिर से शुरू हो जाती हैं। यह 'लुका-छिपी' का खेल अब एक बड़ी चुनौती बन चुका है।
पुलिस का कहना है कि वे आरोपियों की तलाश कर रहे हैं और जल्द ही सख्त कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि जब तक इन अवैध ढाबों और ठेकों को पूरी तरह से ध्वस्त नहीं किया जाता और एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा दीवार को दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक हादसों को रोकना मुश्किल होगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!