स्वतंत्रता दिवस पर बाड़मेर सीमा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, बीएसएफ ने पाकिस्तानी नागरिक को दबोचा
अगस्त के दिन बीएसएफ ने भारत-पाकिस्तान इंटनेशनल सीमा पर घुसने की फिराक में एक पाक नागरिक को पकड़ा है। बीएसएफ ने पूछताछ कर बाड़मेर पुलिस को सुपुर्द किया है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

देशभर में 79वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न के बीच राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहीं। इसी दौरान बाड़मेर जिले में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक पाकिस्तानी नागरिक को भारतीय सीमा में अवैध रूप से प्रवेश करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। यह घटना केकेटी पोस्ट के पास उस समय हुई जब जवान सीमा पर कड़ी निगरानी और पेट्रोलिंग कर रहे थे।
तारबंदी पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुआ घुसपैठिया
बीएसएफ की पेट्रोलिंग टीम को सीमा पर संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी। जवानों ने देखा कि एक व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी तारबंदी को पार कर भारतीय सीमा के भीतर घुस आया है। सतर्क जवानों ने बिना समय गंवाए उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान बाकू खान (60) के रूप में हुई है, जो पाकिस्तान के मिठी जिले के जहरिलों गांव का निवासी बताया जा रहा है।
पकड़े जाने के बाद बीएसएफ ने प्रारंभिक पूछताछ की और शनिवार शाम को उसे बिजराड़ थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने अब इस मामले में संयुक्त जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किस इरादे से भारतीय सीमा में दाखिल हुआ था।
सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त जांच जारी
बिजराड़ थाना अधिकारी अजीत सिंह ने पुष्टि की है कि बीएसएफ ने आरोपी को पुलिस को सौंप दिया है। डीएसपी जेठाराम के नेतृत्व में पुलिस की टीम उससे गहन पूछताछ कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह महज एक भटकने का मामला है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है। बाकू खान के पास से मिली जानकारी और उसके बयानों का सत्यापन किया जा रहा है।
सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से यह घटना काफी संवेदनशील मानी जा रही है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही चाक-चौबंद थी, जिसके चलते घुसपैठिए को तुरंत पकड़ लिया गया।
राजस्थान सीमा पर लगातार बढ़ रही संदिग्ध गतिविधियां
राजस्थान की 1070 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पाकिस्तान से सटी हुई है, जिसे लेकर खुफिया एजेंसियां हमेशा अलर्ट पर रहती हैं। हाल ही में 9 अगस्त को श्रीगंगानगर में भी एक पाकिस्तानी जासूस को बीएसएफ कैंप की दीवार फांदकर घुसते हुए पकड़ा गया था। उस आरोपी के मोबाइल से पाकिस्तानी नंबरों पर कॉल और मैसेज का आदान-प्रदान होने के सबूत मिले थे।
सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य ठिकानों और एयरबेस की मौजूदगी के कारण पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां अक्सर जासूसी के लिए इन इलाकों को निशाना बनाती रही हैं। हिंदुमलकोट से लेकर बाखासर तक फैले इस सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी और बढ़ा दी है ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
इससे पहले भी जैसलमेर और अन्य सीमावर्ती जिलों में जासूसी नेटवर्क के खुलासे हो चुके हैं, जहां स्थानीय लोगों को हनीट्रैप या पैसों का लालच देकर सेना की गोपनीय जानकारी जुटाने की कोशिश की गई थी। इन घटनाओं के बाद से ही बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा बल और खुफिया तंत्र किसी भी घुसपैठ को लेकर कोई जोखिम नहीं उठा रहे हैं।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!