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नूंह: मेडिकल कॉलेज में बड़ी चूक, 4 साल के बच्चे के संक्रमित पैर की जगह स्वस्थ पैर का कर दिया ऑपरेशन

नूंह जिले के नल्हड़ स्थित शहीद हसन खान मेवाती राजकीय मेडिकल कॉलेज में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि डॉक्टरों की टीम ने चार वर्षीय बच्चे के संक्रमित पैर की बजाय स्वस्थ पैर का ऑपरेशन कर दिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

24 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
नूंह: मेडिकल कॉलेज में बड़ी चूक, 4 साल के बच्चे के संक्रमित पैर की जगह स्वस्थ पैर का कर दिया ऑपरेशन
मूल स्रोत

हरियाणा के नूंह जिले में स्थित शहीद हसन खान मेवाती राजकीय मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ में चिकित्सकीय लापरवाही का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां डॉक्टरों की एक टीम पर आरोप है कि उन्होंने चार साल के एक मासूम बच्चे के संक्रमित पैर का इलाज करने के बजाय उसके स्वस्थ पैर का ऑपरेशन कर दिया। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है और उन्होंने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित बच्चे के पिता आरिफ, जो मेवली गांव के निवासी हैं, ने बताया कि उनका चार वर्षीय बेटा साद पिछले कुछ दिनों से बाएं पैर में गंभीर संक्रमण, सूजन और मवाद की समस्या से जूझ रहा था। इलाज के लिए वे 20 जुलाई को बच्चे को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। वहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद अल्ट्रासाउंड कराने और हड्डी रोग विभाग (ऑर्थोपेडिक) में दिखाने की सलाह दी थी।

आरिफ के अनुसार, 23 जुलाई को जब वे अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट लेकर अस्पताल पहुंचे, तो बच्चे को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। पिता का दावा है कि उन्होंने ऑपरेशन से पहले डॉक्टर पवन और उनकी पूरी टीम को स्पष्ट रूप से सूचित किया था कि संक्रमण बच्चे के बाएं पैर में है। इसके बावजूद, डॉक्टरों ने कथित तौर पर बाएं पैर को छोड़कर दाएं यानी पूरी तरह स्वस्थ पैर पर सर्जरी कर दी।

परिजनों का हंगामा और अस्पताल में हड़कंप

ऑपरेशन के बाद जब बच्चे को बाहर लाया गया, तो परिजनों ने देखा कि जिस पैर में कोई समस्या नहीं थी, उस पर पट्टी बंधी हुई थी। यह देखते ही परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। अपनी गलती का अहसास होने पर अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। परिजनों का आरोप है कि इसके तुरंत बाद डॉक्टरों ने आनन-फानन में बच्चे को दोबारा ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर उसके संक्रमित बाएं पैर का ऑपरेशन किया।

एक ही दिन में दो बार सर्जरी से गुजरने के कारण चार साल का बच्चा गंभीर शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है। परिवार का कहना है कि यह केवल एक मानवीय भूल नहीं, बल्कि घोर लापरवाही है जिसने बच्चे के भविष्य को जोखिम में डाल दिया है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच

पीड़ित परिवार ने मेडिकल कॉलेज के निदेशक को लिखित शिकायत सौंपकर डॉक्टर पवन और उनकी टीम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज करने और एक निष्पक्ष विभागीय जांच की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इस गंभीर मामले पर मेडिकल कॉलेज नल्हड़ के निदेशक डॉ. मुकेश ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें परिजनों की ओर से शिकायत प्राप्त हो गई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और डॉक्टरों की सतर्कता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग और पीड़ित परिवार अब न्याय की राह देख रहे हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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