मधेपुरा में कुख्यात अपराधी विक्की मेहता की दिनदहाड़े हत्या, बाइक सवार बदमाशों ने गोलियों से भूना
मधेपुर में सोमवार को मुखिया के देवर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान पुरैनी ब्लॉक के नरदह पंचायत की मुखिया रीता देवी के देवर और योगीराज निवासी विकास कुमार उर्फ विक्की मेहता (35) के रूप में हुई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के मधेपुरा जिले में सोमवार शाम को एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया। पुरैनी थाना क्षेत्र के नरदह पंचायत में कुख्यात अपराधी और मुखिया के देवर विकास कुमार उर्फ विक्की मेहता की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
निर्माण कार्य देखकर लौटते समय हुआ हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय विक्की मेहता सोमवार शाम को नया टोला मध्य विद्यालय में चल रहे बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य का निरीक्षण करने गए थे। काम निपटाकर जब वह अपनी बुलेट बाइक से वापस लौट रहे थे, तभी नया टोला चौक के पास पहले से घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने पहले उनकी बाइक में टक्कर मारकर उन्हें गिराया और फिर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जान बचाने के लिए विक्की मेहता पैदल ही भागने लगे, लेकिन हमलावरों ने करीब 100 मीटर तक उनका पीछा किया और उन्हें घेरकर गोलियों से छलनी कर दिया। विक्की के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में कई गोलियां लगीं। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए।
परिजनों ने लगाया रंजिश का आरोप
नरदह पंचायत की मुखिया रीता देवी ने इस हत्याकांड के पीछे पुरानी राजनीतिक रंजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने सीधे तौर पर अमित चौधरी और उसके सहयोगियों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप जड़ा है। मुखिया का कहना है कि पैक्स चुनाव में मिली जीत के बाद से ही विरोधी गुट उनसे रंजिश रखे हुए था और लगातार विक्की को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था।
मुखिया ने घटना के दौरान वहां मौजूद कुछ संदिग्धों के नाम भी लिए हैं, जिनमें अमित चौधरी, गौरव यादव, पुट्टू यादव, दुर्गा यादव और साकिब शामिल हैं। परिजनों का आरोप है कि ये लोग लंबे समय से इलाके में सक्रिय थे और विक्की मेहता की हत्या की योजना बना रहे थे।
आपराधिक इतिहास और पुलिस जांच
मृतक विक्की मेहता का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। उस पर सिंहेश्वर, रुपौली, उदाकिशुनगंज और पुरैनी थानों में हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट के तहत 15 से अधिक मामले दर्ज थे। वर्ष 2022 में राजद नेता और पूर्व मुखिया लाल यादव की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। जून 2025 में उसने उदाकिशुनगंज कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, लेकिन कुछ समय बाद जमानत पर बाहर आ गया था।
घटना की सूचना मिलते ही उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ पवन कुमार और पुरैनी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। घायल अवस्था में विक्की को स्थानीय पीएचसी ले जाया गया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
एसडीपीओ पवन कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने किसी भी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जल्द ही दोषियों को पकड़ने का दावा किया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!