नीट परीक्षा परिणाम में बड़ी गड़बड़ी: ओएमआर और मार्कशीट के अंकों में 600 तक का अंतर, छात्रों में भारी आक्रोश
Haryana NEET exam result controversy, OMR and marksheet score discrepancy, NTA error updates. री-नीट के नतीजों के बाद भी छात्रों के बीच भारी असंतोष है। ओएमआर शीट और जारी मार्कशीट के अंकों में बड़ा अंतर होने से विवाद खड़ा हो गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

परिणामों में विसंगति से छात्रों का भविष्य अधर में
नीट परीक्षा के हालिया घोषित परिणामों ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों के बीच हड़कंप मचा दिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी किए गए नतीजों में ओएमआर शीट और आधिकारिक मार्कशीट के अंकों में भारी अंतर देखने को मिल रहा है। कई छात्रों ने शिकायत की है कि फाइनल आंसर-की से मिलान करने पर उनके अंक काफी अधिक बन रहे थे, लेकिन मार्कशीट में उन्हें बहुत कम अंक दिए गए हैं। कुछ मामलों में तो यह अंतर 600 अंकों तक पहुंच गया है, जिसके कारण योग्य छात्र भी परीक्षा क्वालिफाई करने से वंचित रह गए हैं।
इस विवाद के पीछे एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। एजेंसी ने फाइनल आंसर-की जारी करने के महज तीन से चार घंटे के भीतर ही परिणाम घोषित कर दिए, जिसे जल्दबाजी में लिया गया निर्णय माना जा रहा है। इस साल लगभग 20 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया था, जिनमें से 11.21 लाख छात्र सफल घोषित किए गए हैं। हालांकि, 2020 के बाद यह पहला मौका है जब किसी भी छात्र ने 720 में से 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं किया है।
हरियाणा में एक ही छात्र के दो अलग स्कोरकार्ड
हरियाणा से सामने आए एक मामले ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है। मुकुल काजल नामक अभ्यर्थी ने एनटीए के महानिदेशक को शिकायत भेजी है, जिसमें उन्होंने अपने स्कोरकार्ड में हुए अचानक बदलाव का दावा किया है। छात्र के अनुसार, 17 जुलाई को डाउनलोड किए गए स्कोरकार्ड में उनके 605 अंक थे, लेकिन 18 जुलाई की सुबह जब उन्होंने दोबारा स्कोरकार्ड देखा, तो उनके अंक घटकर मात्र 60 रह गए। इससे उनकी अखिल भारतीय रैंक में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।
मुकुल का दावा है कि उनके पास 17 जुलाई का मूल स्कोरकार्ड सुरक्षित है और ओएमआर रिस्पॉन्स शीट के अनुसार उनके 605 अंक ही बनते हैं। इस तरह के मामलों ने एनटीए की तकनीकी दक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। छात्र अब इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं।
एनटीए की प्रतिक्रिया और छात्रों का संघर्ष
बढ़ते विवाद के बीच एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक बयान जारी किया है। एजेंसी ने कहा है कि वे सभी शिकायतों की जांच कर रहे हैं। साथ ही, एनटीए ने छात्रों को चेतावनी दी है कि वे जांच के लिए केवल मूल ओएमआर शीट ही जमा करें। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई फर्जी या एआई-जनरेटेड ओएमआर शीट के साथ शिकायत करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावक और छात्र इसे एनटीए की बड़ी लापरवाही मान रहे हैं। डॉ. राजेश कुमार सिंह जैसे कई अभिभावकों ने लिखित शिकायतें दर्ज कराई हैं। छात्रों का कहना है कि उनकी मेहनत पर इस तरह की तकनीकी त्रुटियों के कारण पानी फिर गया है। अब देखना यह है कि क्या एनटीए इन विसंगतियों को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम उठाता है या मामला कानूनी लड़ाई में बदल जाता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
