नवादा में ऑनलाइन लोन का झांसा देने वाले साइबर ठग गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किए मोबाइल और नकदी
नवादा में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वारिसलीगंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के नवादा जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वारिसलीगंज पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर आम लोगों को अपना शिकार बनाने वाले दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बाढ़ी और चकवाय गांव में की गई, जहां से आरोपियों को दबोचा गया।
बैंक मैनेजर बनकर करते थे ठगी
पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी खुद को बजाज फाइनेंस और रिलायंस फाइनेंस जैसी प्रतिष्ठित वित्तीय कंपनियों का कर्मचारी या बैंक मैनेजर बताकर लोगों को फोन करते थे। वे बेहद शातिराना अंदाज में लोगों का भरोसा जीतते थे और उन्हें कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का प्रलोभन देते थे। फेसबुक के माध्यम से लोगों का डेटा और मोबाइल नंबर जुटाकर ये ठग अपना जाल बिछाते थे।
आरोपियों ने बताया कि वे लोन की प्रक्रिया शुरू करने के बहाने लोगों से आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और फोटो जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगते थे। एक बार जब पीड़ित का विश्वास जीत लिया जाता था, तो वे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर उनसे पैसे ऐंठ लेते थे। पैसा मिलने के बाद ये लोग संपर्क तोड़ देते थे और लोन कभी नहीं मिलता था।
छापेमारी में बरामद हुए साक्ष्य
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने बाढ़ी गांव से 24 वर्षीय रूपांशु कुमार को गिरफ्तार किया, जिसके पास से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। वहीं, चकवाय गांव से 21 वर्षीय राजेश कुमार को पकड़ा गया, जिसके पास से एक मोबाइल और 9,770 रुपये नकद मिले हैं। बरामद मोबाइल फोन में मौजूद चैट, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन जांच की जा रही है।
वारिसलीगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं और अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि साइबर ठगी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। बरामद किए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेने या आगे की पूछताछ की तैयारी कर रही है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ फोन पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें और ऑनलाइन लोन के नाम पर किसी भी संदिग्ध खाते में पैसे जमा न करें। किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले संबंधित बैंक या कंपनी की आधिकारिक शाखा से संपर्क करना ही सुरक्षित विकल्प है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!