नारनौल में नशा मुक्ति के लिए दौड़ा हरियाणा: सीएम नायब सैनी ने युवाओं के साथ लगाई दौड़
हरियाणा के नारनौल में नशा मुक्त हरियाणा बनाने के उद्देश्य से हॉफ मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मौजूद रहे।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

नारनौल में नशा मुक्त हरियाणा का संकल्प
हरियाणा के नारनौल में नशा मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से एक भव्य हॉफ मैराथन का आयोजन किया गया। इस दौड़ में राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और क्षेत्र के कई अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना था।
मैराथन में महेंद्रगढ़ जिले के अलावा प्रदेश के विभिन्न हिस्सों और अन्य राज्यों से आए धावकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विजेताओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि यह दौड़ केवल एक खेल नहीं, बल्कि एक संदेश है कि युवा न तो खुद नशा करेंगे और न ही किसी को करने देंगे।
मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों ने युवाओं का बढ़ाया उत्साह
मैराथन की शुरुआत नूनी शेखपुरा मोड़ से हुई, जहां से धावकों का कारवां महावीर चौक तक पहुंचा। युवाओं के जोश को देखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, सांसद धर्मवीर सिंह और विधायक ओमप्रकाश यादव समेत कई भाजपा नेताओं ने भी दौड़ में भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों में जबरदस्त उत्साह देखा गया और वे देशभक्ति के गीतों पर थिरकते नजर आए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'घर-घर तिरंगा' अभियान के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। यह अभियान 17 अगस्त तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा, जिसके तहत विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नारनौल से निकला यह नशा मुक्ति का संदेश पूरे देश के लिए एक मिसाल बनेगा।
सुरक्षा व्यवस्था और आम जनजीवन पर प्रभाव
मैराथन के सफल आयोजन के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। महेंद्रगढ़ रोड पर यातायात को पूरी तरह बंद कर दिया गया था, जिसके कारण आम लोगों को करीब आठ किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। भीड़ और उमस के कारण कुछ स्थानों पर अव्यवस्था भी देखी गई, जहां एक व्यक्ति ने डायल 112 पर कॉल कर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।
कार्यक्रम के दौरान एक छोटी बच्ची अपने स्कूल के समूह से बिछड़ गई, जिससे वह काफी घबरा गई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों की मदद से उसे सुरक्षित मुख्य मंच तक पहुंचाया गया, जहां से उसे उसके परिजनों या स्कूल प्रबंधन को सौंपा गया। हालांकि, इस आयोजन के कारण स्थानीय दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को भी दो दिनों तक व्यापारिक गतिविधियों में बाधा का सामना करना पड़ा।
नशा मुक्ति के प्रति बढ़ती जागरूकता
यह आयोजन न केवल एक खेल प्रतियोगिता के रूप में सफल रहा, बल्कि इसने नशा मुक्ति के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हजारों की संख्या में युवाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि समाज का एक बड़ा वर्ग अब नशे के खिलाफ लामबंद हो रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से युवाओं को सही दिशा देने में मदद मिलेगी और आने वाले समय में प्रदेश को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सकेगा।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!