स्वच्छता और हरियाली में अव्वल: नर्मदापुरम का मॉडल स्कूल प्रदेश के टॉप-20 विद्यालयों में शामिल
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्वच्छ एवं हरित विद्यालय मूल्यांकन 2025-26 के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 20 स्कूलों की सूची जारी की गई है। इन स्कूलों के संस्था प्रमुखों को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

स्वच्छता के प्रति समर्पण का मिला सम्मान
मध्य प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा हाल ही में जारी की गई 'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय मूल्यांकन 2025-26' की सूची में नर्मदापुरम जिले के तवानगर स्थित शासकीय आदर्श आवासीय मॉडल विद्यालय ने अपनी जगह बनाई है। प्रदेश भर के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 स्कूलों में शामिल होकर इस विद्यालय ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है।
इस उपलब्धि के तहत चयनित विद्यालयों के संस्था प्रमुखों को आगामी 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय सम्मान से नवाजा जाएगा। यह मूल्यांकन विद्यालय परिसर में स्वच्छता के मानकों, कचरा प्रबंधन और हरियाली को बढ़ावा देने के प्रयासों के आधार पर किया गया है।
10 एकड़ का कैंपस और अनुशासित व्यवस्था
तवानगर का यह आदर्श आवासीय विद्यालय लगभग 10 एकड़ के विशाल और सुरक्षित परिसर में फैला हुआ है। यहाँ छात्रावास की सुविधा के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 245 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। विद्यालय की सफलता का मुख्य आधार यहाँ का अनुशासित वातावरण और स्वच्छता के प्रति विद्यार्थियों व स्टाफ की जागरूकता है।
विद्यालय प्रशासन ने परिसर को स्वच्छ रखने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। इसमें कक्षाओं, गलियारों, खेल के मैदानों और शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा, कचरा प्रबंधन के लिए सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखने की व्यवस्था की गई है, जिसका पालन विद्यार्थी और स्टाफ पूरी निष्ठा से करते हैं।
पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक प्रयास
विद्यालय परिसर में हरियाली बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया है। इन पौधों की नियमित देखभाल का ही परिणाम है कि आज पूरा कैंपस हरियाली से आच्छादित है। विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्वच्छता और पर्यावरण के महत्व के बारे में नियमित रूप से शिक्षित किया जाता है, जिससे उनमें स्वच्छता के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ है।
जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त विवेक नागवंशी ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए इसे पूरे विभाग के लिए गर्व का क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता टीम वर्क का परिणाम है, जिसमें पूर्व प्राचार्य एवं वर्तमान संभागीय उपायुक्त सिद्धार्थ मित्रा, प्रभारी प्राचार्य दीपक सोनी, जिला शिक्षा केंद्र के इंजीनियर दीपक वर्मा और संस्था के अधीक्षक भूपेंद्र साहू सहित पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
प्रदेश के अन्य जिलों का भी रहा दबदबा
स्वच्छ एवं हरित विद्यालय मूल्यांकन की इस सूची में नर्मदापुरम के अलावा शाजापुर, बैतूल, सीहोर, उज्जैन, देवास, रायसेन, डिंडोरी, मुरैना, छिंदवाड़ा, भिंड, जबलपुर, कटनी, अनूपपुर, बालाघाट, शिवपुरी, रतलाम, इंदौर और भोपाल के प्रतिष्ठित विद्यालय भी शामिल हैं। इन सभी स्कूलों ने अपने-अपने स्तर पर स्वच्छता के मानकों को पूरा कर प्रदेश में एक उदाहरण पेश किया है।
आदर्श आवासीय विद्यालय तवानगर की यह उपलब्धि अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति यह जागरूकता न केवल विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करने में भी मदद कर रही है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!