नर्मदापुरम: 10 साल की बच्ची से रिश्तेदार ने किया दुष्कर्म, दो घंटे में पुलिस ने दबोचा
Narmadapuram minor girl rape case updates. घटना उस समय हुई। जब बच्ची और उसके दो छोटे भाई घर पर थे। मां और दादी धान की रोपाई करने खेत में गए थे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

घर में अकेली थी बच्ची, रिश्तेदार ने बनाया शिकार
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के माखननगर थाना क्षेत्र में एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है, जहां 10 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पीड़िता का रिश्ते में दूर का भाई बताया जा रहा है। घटना के समय घर पर कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना के दिन बच्ची की मां और दादी धान की रोपाई के काम से खेत पर गए हुए थे। घर पर पीड़िता अपने दो छोटे भाइयों के साथ अकेली थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला आरोपी घर में दाखिल हुआ और बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया।
पेट दर्द की शिकायत के बाद खुला राज
शाम को जब मां खेत से वापस लौटी, तो बच्ची ने पेट में तेज दर्द की शिकायत की। बच्ची की हालत और उसके व्यवहार को देखकर मां ने जब उससे पूछताछ की, तो उसने रोते हुए अपने साथ हुई पूरी घटना के बारे में बताया। अपनी बेटी के साथ हुई दरिंदगी की बात सुनकर परिवार के होश उड़ गए।
परिजनों ने बिना देरी किए बच्ची को साथ लिया और सीधे माखननगर थाने पहुंचे। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। पीड़िता को तुरंत चिकित्सीय परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया ताकि साक्ष्य जुटाए जा सकें।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दो घंटे में गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए माखननगर थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर ने तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ के लिए गांव में दबिश दी। शिकायत मिलने के महज दो घंटे के भीतर ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच कर रही है ताकि जल्द से जल्द चालान पेश किया जा सके।
सुरक्षा और सतर्कता की आवश्यकता
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घर में बच्चों को अकेला छोड़ना जोखिम भरा हो सकता है। समाज में इस तरह की घटनाओं के प्रति जागरूकता फैलाना और बच्चों को 'गुड टच' व 'बैड टच' के बारे में शिक्षित करना अब अनिवार्य हो गया है।
नर्मदापुरम पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में कदम उठाए हैं। फिलहाल पीड़िता का उपचार जारी है और पुलिस मामले से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
