नालंदा डकैती कांड: 1.25 करोड़ की लूट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 15 सदस्यीय गिरोह का हुआ पर्दाफाश
Nalanda seed trader house robbery case main accused arrested with cash. नालंदा में 3 अगस्त को बीज कारोबारी राजीव रंजन के घर में 1.25 करोड़ की डकैती हुई थी। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी अजीत सिंह, संजीव, बिट्टी और आदित्य को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के नालंदा जिले में बीज कारोबारी के घर हुई सवा करोड़ रुपये की डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दीपनगर थाना क्षेत्र में 3 अगस्त को हुई इस सनसनीखेज वारदात के मुख्य साजिशकर्ता समेत चार आरोपियों को पुलिस ने झारखंड के जामताड़ा से गिरफ्तार कर लिया है। इस डकैती में कुल 15 अपराधियों के शामिल होने की बात सामने आई है।
10 दिनों तक की थी घर की रेकी
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी अजीत सिंह ने इस पूरी डकैती की योजना तैयार की थी। कारोबारी राजीव रंजन का घर घनी आबादी वाले इलाके में स्थित है, जिसके कारण अपराधियों ने पहले 10 दिनों तक घर की बारीकी से रेकी की थी। गिरोह के सदस्य संजीव, बिट्टू और आदित्य स्थानीय निवासी थे, जिससे उन्हें इलाके की भौगोलिक स्थिति और घर के रास्तों की पूरी जानकारी थी। पुलिस को संदेह है कि इस वारदात में किसी परिचित ने भी मुखबिरी की थी, जिसकी पहचान अभी की जा रही है।
एसपी भारत सोनी ने बताया कि 3 अगस्त की रात करीब एक बजे हथियारबंद बदमाशों ने देवीसराय स्थित कारोबारी के घर को निशाना बनाया था। घटना के बाद सदर-1 एसडीपीओ अमरनाथ के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर 72 घंटे के भीतर आरोपियों तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की।
जामताड़ा से हुई गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस टीम ने पीछा करते हुए झारखंड के जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के जुम्मन मोड़ के पास एक चाय दुकान से चारों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्य सरगना अजीत सिंह के अलावा संजीव सिंह, बिट्टू कुमार और आदित्य कुमार शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से लूटी गई राशि में से 16.43 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। शेष राशि और फरार अन्य 11 अपराधियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि मुख्य आरोपी अजीत सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पहले भी सजा काट चुका है और फरवरी 2025 में ही जेल से बाहर आया था। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि अन्य वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
इमादपुर डकैती से भी जुड़े हैं तार
पुलिस के अनुसार, यह वही गिरोह है जिसने इसी साल बिहार थाना क्षेत्र के इमादपुर में भी डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। एसपी ने स्पष्ट किया कि इमादपुर मामले में भी इन आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि इन अपराधियों की गिरफ्तारी से जिले में सक्रिय अन्य गिरोहों पर भी लगाम लगेगी।
फिलहाल, पुलिस की प्राथमिकता फरार चल रहे 11 अन्य सदस्यों को पकड़ने और लूटी गई बाकी संपत्ति बरामद करने की है। स्थानीय पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
