मुजफ्फरनगर में बारिश का कहर: कच्चा मकान ढहने से पिता और चार बच्चों की दर्दनाक मौत
Muzaffarnagar Fugana village house collapse tragedy, heavy rainfall triggered accident, tragic death of children. मुज़फ्फरनगर में फुगाना थाना क्षेत्र के हबीबपुर गांव में बारिश में कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के समय मकान में मौजूद 4 मासूम मलबे में दब गए, जिससे उनकी मौत हो गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मुजफ्फरनगर के हबीबपुर गांव में बरपा कुदरत का कहर
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के फुगाना थाना क्षेत्र स्थित हबीबपुर गांव में रविवार रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया। मलबे के नीचे दबने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई, जिसमें परिवार के मुखिया और उनके चार मासूम बच्चे शामिल हैं।
घटना रविवार रात करीब 9 बजे की है। इस्लामुद्दीन (60) अपने परिवार के साथ घर में मौजूद थे, तभी मिट्टी और ईंटों से बनी छत अचानक गिर गई। हादसे के वक्त परिवार के सात सदस्य अंदर थे, जबकि पत्नी और दो बच्चे घर के बाहर होने के कारण सुरक्षित बच गए। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन और अस्पताल में कोहराम
सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। मलबे से सात लोगों को बाहर निकालकर बुढ़ाना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद इस्लामुद्दीन और उनके चार बच्चों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में दो बेटियां घायल हुई हैं, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मकान की दीवारें और छत पहले ही कमजोर हो चुकी थीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव और जर्जर मकानों के कारण इस इलाके में खतरा बना रहता है। हादसे के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
प्रशासनिक कार्रवाई और मुआवजे का ऐलान
घटना की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, एसएसपी संजीव कुमार वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रति मृतक पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और हर संभव मदद का भरोसा दिया।
जिला प्रशासन ने ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में जर्जर मकानों की पहचान करें। अधिकारियों ने कहा कि मानसून के दौरान जो मकान असुरक्षित हैं, उनमें रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और मामले की जांच की जा रही है। घायलों की स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में कच्चे और जर्जर मकानों में रहने से बचें और किसी भी प्रकार की दरार या कमजोरी दिखने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
