मुजफ्फरनगर में नकली नोटों का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, 1 लाख की फर्जी करेंसी के साथ तीन गिरफ्तार
Muzaffarnagar police bust interstate fake currency racket, arrest three suspects with one lakh fake notes. मुज़फ़्फ़रनगर में गुरुवार शाम 4 बजे पुलिस लाइन में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने नकली नोटों के अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया। बुढ़ाना थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹1 लाख की नकली भारतीय मुद्रा, एक वैगनआर कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बुढ़ाना थाना पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 1 लाख रुपये मूल्य की नकली भारतीय मुद्रा बरामद की गई है। पुलिस ने इस दौरान आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही एक वैगनआर कार और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि खतौली की ओर से एक कार में सवार कुछ युवक नकली नोटों की खेप लेकर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर बुढ़ाना थाना पुलिस ने खतौली रोड पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के कैली गांव निवासी सालिम और माजिद, तथा मुजफ्फरनगर के जौला गांव निवासी जीशान के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके पास से 500 रुपये के 200 नकली नोट बरामद हुए, जिनका कुल मूल्य 1 लाख रुपये है।
बेंगलुरु तक फैले हैं गिरोह के तार
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे यह नकली करेंसी मेरठ के मवाना निवासी साहिल और शाहनवाज से 40 हजार रुपये में खरीदते थे। चौंकाने वाली बात यह है कि ये मुख्य सप्लायर खुद यह नकली नोट बेंगलुरु निवासी माइकल फर्नाडीज से मात्र 30 हजार रुपये में मंगवाते थे। इस नेटवर्क का दायरा मेरठ और मुजफ्फरनगर से निकलकर बेंगलुरु तक फैला हुआ है।
आरोपी नकली नोटों को मंगाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाते थे। वे फर्जी नाम और पते का इस्तेमाल कर कूरियर के जरिए नोट मंगवाते थे। कूरियर प्राप्त करने के लिए उन्हें एक विशेष कोड नंबर दिया जाता था और भुगतान पूरी तरह से ऑनलाइन क्यूआर कोड के माध्यम से किया जाता था, ताकि कोई सुराग न मिल सके।
बेकरी संचालक की भूमिका और जांच
जांच में खतौली के एक बेकरी संचालक मुसर्रफ का नाम भी सामने आया है। पुलिस का मानना है कि उसे इस अवैध कारोबार के मुनाफे में हिस्सा मिलता था। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश में अलग-अलग टीमें छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह ने अब तक किन-किन जिलों में नकली नोट खपाए हैं और इनके साथ और कितने लोग जुड़े हुए हैं। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में वैधानिक कार्रवाई जारी है।
इस सफल ऑपरेशन के लिए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बुढ़ाना थाना पुलिस टीम की सराहना की है। गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली टीम को 15 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के अवैध कार्यों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
